इंसानियत के लिए याद किया जाएगा साल 2023, बढ़ते रहे मदद के हाथ

किसी ने गरीबों को पहुंचाई मदद, तो किसी ने मरीजों को दिलाया खून

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अबुल काशिम@समाचार चक्र
पाकुड़। बिना किसी भेदभाव के जात-पात से ऊपर उठकर दूसरों की मदद के लिए साल 2023 को याद किया जाएगा। साल 2023 में लगातार दूसरों को मदद पहुंचाने की तस्वीरें सामने आई। इस साल दूसरों की मदद के लिए हाथ बढ़ाते रहे। किसी ने गरीबों को आर्थिक मदद पहुंचाई, तो किसी ने कपड़े बांटे। किसी ने मरीजों को खून दिलाया और जान बचाई, तो किसी ने एथलेटिक्स और ओलंपिक खेलों में खिलाड़ियों को पहचान दिलाया।‌ पूरे साल गरीबों की मदद और मरीजों को रक्तदान चर्चा बना रहा। दुनिया भर से फसादों की खबरों के बीच पाकुड़ में भाईचारा कायम रही। कई हस्तियों ने इंसानियत की मिसाल दी। लुत्फुल हक जैसे समाजसेवी ने लंदन, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली जैसे शहरों में पाकुड़ जिले वासियों को गोरांवित किया। गरीब जरूरतमंदों को आर्थिक मदद, राशन और वस्त्र आदि से मदद करने के लिए उन्हें देश-विदेश में भी अवार्ड मिला। अजहर इस्लाम ने मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग से भाईचारा को मजबूती दी। उन्होंने गरीबों को भोजन और गर्म कपड़े भी बांटे। अम्लान कुसुम सिन्हा उर्फ बुल्टी ने गांव गांव से प्रतिभा को खोज निकाला और खेल के क्षेत्र में जिले का मान बढ़ाया। इसमें रणवीर सिंह जैसे प्रतिभाशाली युवा ने भी अहम रोल अदा किया। मरीजों की जान बचाने में बानिज शेख, नफीसुल शेख, मो. मुखलेसुर जैसे युवा आगे रहे और रक्तदान के जरिए समाज में इंसानियत की मिसाल बने। इंसानियत फाउंडेशन और राहत फाउंडेशन ने रक्तदान के लिए सम्मान भी हासिल किया। मीरा फाउंडेशन ने रक्तदान और अन्य मदद के जरिए पाकुड़ को अलग पहचान दिलाया। मीरा पांडेय और प्रवीण सिंह का नाम इंसानियत के मिसाल के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा। वहीं विश्वनाथ भगत जैसे समाजसेवी गरीबों के सुख-दुख के भागीदारी बने। महिला समाजसेवी की बात करें तो प्रतिमा पांडेय साल 2023 में दूसरों की मदद के लिए चर्चा में रही। प्रतिमा ने न सिर्फ गरीबों में कपड़े और भोजन बांटे, बल्कि गरीब बच्चों के साथ पर्व त्योहारों की खुशियां भी बांटी। उन्होंने अनाथ बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का भी काम किया। इसी तरह लिट्टीपाड़ा के युवा चंदन भगत अपने युवा साथियों के साथ गरीबों को मदद पहुंचाने में आगे रहे। इनके अलावा भी कई हस्तियों ने गरीबों की सेवा में साल बिताया। कुल मिलाकर साल 2023 इंसानियत और मानवता का मिसाल पेश कर गया। लोग भले ही नए साल की खुशियों में डूबे रहेंगे। लेकिन 2023 को भी भूला नहीं पाएंगे।

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