अबुल काशिम@समाचार चक्र
पाकुड़। आजसू पार्टी का युवा और नया चेहरा समाजसेवी अजहर इस्लाम की पदयात्रा का पहला दिन कई मायनों में अहम रहा। पदयात्रा के बहाने अजहर इस्लाम ने घर-घर जाकर गरीबों के सामने की चुनौतियों को जानने का प्रयास किया। गरीबों के घर खान-पान के तौर-तरीकों को समझने की कोशिश की। यह अलग बात है कि अजहर इस्लाम ने इस दौरान वोटरों का नब्ज टटोलने की भी कोशिश की। अजहर इस्लाम ने पहले दिन की पदयात्रा में जो सबसे अहम संदेश देने का प्रयास किया, वो गरीबों के लिए हमदर्दी का था। हालांकि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य ही गरीबों की समस्यायों को नजदीक से जानने और अधिकारों को दिलाने के लिए आवाज बुलंद करना था। अपने जानकीनगर स्थित आवासीय कार्यालय से गुरुवार को शुरू किए गए पदयात्रा ने काफी सुर्खियां बटोरी। दरअसल पदयात्रा करते हुए अजहर इस्लाम जानकीनगर और चांचकी गांव में हर गली-मोहल्ले से गुजर रहे थे। गरीब परिवारों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर मिट्टी के चूल्हे पर रोटी बनाती गृहिणी पर पड़ी तो खुद चूल्हे के पास जमीन पर बैठ गए और अपने हाथों से रोटी बनाने की कोशिश करने लगे। एक और घर पर मिट्टी के चूल्हे पर ही जमीन पर बैठकर खुद चाय बनाने लगे। अजहर इस्लाम ने चाय बनाया भी और परिवार के साथ चाय की चुस्की का आनंद भी उठाया। इतना ही नहीं पदयात्रा करते हुए एक और गरीब परिवार के आंगन में पहुंच गए और यहां बीड़ी बना रही महिलाओं के बीच जाकर जमीन पर बैठ गए। अजहर इस्लाम ने महिलाओं के साथ बैठकर बीड़ी बनाने का नुस्खा भी सीखा। महिलाओं से मजदूरी को लेकर भी बातचीत की। इस दौरान महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान साफ झलक रही थी। अजहर इस्लाम ने कहा कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य गरीबों को उनका अधिकार दिलाने के लिए आवाज बुलंद करना है। मैं गरीबों के उत्थान के लिए काम करना चाहता हूं। इसलिए गरीबी में जी रहे उन परिवारों के बीच जा रहा हूं, जो बड़ी मुश्किल से परिवार चला रहे हैं। मैं गरीबों के दुख दर्द को बेहतर समझ सकता हूं। अजहर इस्लाम ने कहा कि गरीबी को और ज्यादा नजदीक से महसूस कर रहा हूं। ताकि उनके उत्थान के लिए बेहतर तरीके से काम कर सकूं। धरातल पर जाकर चीजों को समझने का प्रयास कर रहा हूं। अजहर इस्लाम ने कहा कि अगर जनता ने मुझे विधायक के रूप में सेवा का मौका दिया, तो गरीबों को उनका अधिकार देकर रहेंगे।
