अबुल काशिम@समाचार चक्र
पाकुड़। मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र के चेंगाडांगा गांव के पास खेत से सोमवार की रात करीब 9:00 बजे 15 वर्षीय एक लड़के का संदेहास्पद स्थिति में शव बरामद किया गया है। लड़के की पहचान चेंगाडांगा गांव के सुखेन सरकार के रूप में हुई है। वह मवेशियों के लिए खेत में घास काटने गया था। सियार के हमले से लड़के की मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की दूसरी वजहों से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि परिजनों ने दूसरी किसी भी वजहों से साफ इंकार किया हैं। लेकिन पुलिस को घटना की गहराई से जांच करने की जरूरत है। ताकि असली वजह सामने आ सके। इधर मिली जानकारी के मुताबिक सुखेन सरकार सोमवार अपराह्न करीब 3:00 बजे घर से घास काटने के लिए निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता सताने लगी। हालांकि पास में ही फुटबॉल मैच चल रहा था। इसलिए पहले तो परिजनों को लगा कि सुखेन फुटबॉल मैच देख रहा होगा। इसलिए घर लौटने में देर हो रही है। लेकिन देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजन परेशान हो गए और खोजबीन में जुट गए। परिजनों ने आसपास के ग्रामीणों को सुखेन के घर नहीं लौटने के बारे में बताया। ग्रामीणों ने माइकिंग भी कराई। इसके बाद भी जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजन एवं ग्रामीण रात के अंधेरे में टार्च लेकर खेत की ओर निकल पड़े। इसी दौरान एक जगह सुखेन का शव पड़ा मिला। उसके गले में किसी हिंसक जानवर के काटने का जख्म था। परिजनों और ग्रामीणों को आशंका हुई कि सियार के काटने से ही सुखेन की मौत हुई है। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर सुखेन का शव घर लाया। इधर सूचना मिलने पर गस्ती में निकली मालपहाड़ी पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने परिजनों से बातें की। पुलिस नियम अनुसार पोस्टमार्टम एवं अन्य कार्रवाई की को लेकर परिजनों एवं ग्रामीणों से बातें कर रही थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि हिंसक जानवर के काटने से इसकी मौत हुई है। परिजनों ने हत्या जैसे किसी भी आशंका से साफ इनकार कर दिया। इसलिए पुलिस के लिए आगे की कार्रवाई संभव नहीं हुआ। थाना प्रभारी सत्येंद्र यादव ने कहा कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम गई थी। मैं भी गश्ती टीम के पीछे-पीछे पहुंचने ही वाला था। इतने में परिजनों की ओर से पोस्टमार्टम या अन्य पुलिसिया कार्रवाई से मना कर दिया गया।
नाना-नानी के साथ रहता था सुखेन
मृतक सुखेन सरकार का पैतृक घर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पृथ्वीनगर गांव में है। वह बचपन से ही चेंगाडांगा में नाना-नानी के साथ रहता था। ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक सुखेन के नाना-नानी से दो बेटा-बेटी था। यानी सुखेन की मां के अलावा एक मामा भी थे। सुखेन के मामा की मौत भी एक्सीडेंट में हो गया था। इसके बाद सुखेन के नाना-नानी अकेले पड़ गए थे। इसलिए बचपन में ही नाना-नानी ने उसे अपने पास रख लिया। नाना-नानी ही सुखेन का परवरिश कर रहे थे। उनके लिए सुखेन बहुत ही प्यारा और लाडला था। नाना-नानी ने सुखेन के लिए बहुत सपने देखे थे। उनके सारे सपने अधूरे ही रह गए। सुखेन की मौत से नाना-नानी सदमे में है। इधर पृथ्वीनगर गांव में सुखेन के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है।
