सीसीटीवी लगे होने के बावजूद चेकनाका से पार कराए जा रहे बिना माइनिंग चालान के स्टोन चिप्स की वाहनें !

चौड़ा मोड़, जीवनपुर और रहीमतांड चेकनाका बना लूट का अड्डा

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समाचार चक्र डेस्क

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कोटालपोखर। हम लूटी तू लूट,लूटे के आज़ादी बा, सबले बेसी के लूटी, जेकरा सर पर…. उक्त पंक्तियां कोटालपोखर के आर्थिक अपराधियों पर सटीक बैठ रहा है। यह कोई कहानी काल्पनिक नहीं, बल्कि कोटालपोखर थाना क्षेत्र में बनाई गई तीनों चेकनाका पर रात के अंधेरे में देखने को मिलेगा। यह खुलासा पूर्व और वर्तमान के अधिकारियों के औचक छापेमारी में क्षण कर सामने आई है। विगत वित्तीय वर्ष 2023-24 में जितने स्टोन चिप्स से संबंधित मुकदमे हुए है, यह बातें सामने आई है। पूर्व के मुकदमों का अवलोकन में यह दर्शाया गया है कि बिना माइनिंग चालान, ओवर लोडिंग, नंबर प्लेट चेंज कर वाहनों का परिचालन किया जाता है। आश्चर्य की बात है कि आर्थिक अपराध करने के बावजूद भी चेकनाका कर्मियों और आर्थिक अपराध करने वालों की जबरदस्त सांठ-गांठ खुलेआम देखने को मिलता है।

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सीसीटीवी कैमरे और रजिस्टर इंट्री से हो सकते है कई खुलासे…

सूत्रों की माने तो बीते दो दिनों में 300 से 400 ट्रक पार कराया गया है। जिसका वीडियो भी मौजूद है। परन्तु अगर चौड़ा मोड़, जीवनपुर और रहीमतांड चेकनाका पर तैनात दंडाधिकारी के रजिस्टर की जांच कराई जाए तो बड़े आर्थिक चोरी का खुलासा हो सकता है। सूत्र यह भी बताते है कि आर्थिक लूट में कई क्रन्तिकारी सफेदपोश, पत्थर माफिया सहित नीचे से ऊपर तक मैनेज किया जाता है।

जिन पर मुकदमा दर्ज है, वे पुलिस कर्मियों और पदाधिकारियों का करते है आवभगत…..

सूत्रों की माने तो कोटालपोखर थाना क्षेत्र आर्थिक अपराधों को लेकर पूर्व से बदनाम है। हालांकि जिला प्रशासन की नजर में मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र बदनाम है।कोटालपोखर थाना जिले के अंतिम छोर पर बसा है। इसके लिए अधिकारियों की नजर कम रही है। परन्तु हाल के दिनों सोशल मीडिया और मीडिया में आने के बाद वर्त्तमान में कोटालपोखर थाना क्षेत्र चर्चा में है। दर असल चर्चा होना लाजिमी है कि हाल में जितने भी छापेमारी की गई है, बिना माइनिंग चालान, ओवर लोडिंग और नंबर प्लेट चेंज कर वाहनों का परिचालन किए जाने का मामला सामने आया है। परन्तु जब से देश में लोकसभा चुनाव की तिथि की घोषणा हुई है और आदर्श आचार संहिता लागु हुआ है, तभी से आर्थिक अपराधियों को मानों जैसे खुली छूट मिल गई हो। बहरहाल अब देखना होगा कि सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर कोटालपोखर के आर्थिक अपराधियों पर कब पड़ती है।

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