समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता हेमलाल मुर्मू का लिट्टीपाड़ा दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्व मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता हेमलाल मुर्मू का लिट्टीपाड़ा का यह दौरा पार्टी की रणनीति या फिर टिकट की दावेदारी का हिस्सा है, यह राजनीतिक गलियारों में खुब सुर्खियां बटोर रही है। पांच दिन पहले ही मंगलवार को हेमलाल मुर्मू ने लिट्टीपाड़ा विधानसभा के अमड़ापाड़ा प्रखंड के सिंगारसी पंचायत के पकलो, डूमरचीर, आलूबेड़ा के लिट्टीपाड़ा गांव का दौरा किया था। ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए थे। हेमलाल मुर्मू विस्थापितों से भी मिलें। विस्थापितों की समस्यायों को भी सुना। इसी दौरान पत्रकारों से बातचीत में हेमलाल मुर्मू ने जो कुछ कहा, उसके बाद से तो राजनीतिक हलचलें तेज हो गई। पार्टी कार्यकर्ताओं के अंदर भी खलबली मची हुई है। लोगों में हेमलाल का लिट्टीपाड़ा दौरा चर्चा का विषय बन गया है। यहां से फिर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रहा है। भले ही हेमलाल मुर्मू ने पार्टी का केंद्रीय प्रवक्ता होने के नाते इसे सामान्य दौरे की ओर इशारा किया हो। लेकिन लोग चौक-चौराहों, चाय नाश्ता दुकानों, हाट बाजारों में भी हेमलाल मुर्मू के लिट्टीपाड़ा दौरें को लेकर चर्चा करते दिख रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि लिट्टीपाड़ा विधानसभा सीट से आगामी चुनाव में खुद की दावेदारी पेश करने के लिए ही हेमलाल मुर्मू क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। पार्टी हेमलाल मुर्मू को ही लिट्टीपाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा सकते हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा हेमलाल मुर्मू को टिकट दे सकती है और उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं। झामुमो पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि पार्टी इस बार काफी सोच-समझकर टिकट देगी। पार्टी नेतृत्व फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। किसी का भी टिकट काट सकता है और चेहरे बदल सकते हैं। हालांकि दबी जबान में कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि हेमलाल मुर्मू का यह दौरा पार्टी की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। बहरहाल जो भी हो, केंद्रीय प्रवक्ता हेमलाल मुर्मू का लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के दौरे से पार्टी के अंदर भी हलचल बढ़ गई है।
हेमलाल मुर्मू ने क्या कहा था
केंद्रीय प्रवक्ता हेमलाल मुर्मू ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा था कि हम कभी बोरिओ भी जाते हैं, बरहेट भी जाते हैं, कभी पोड़ैयाहाट भी जाते हैं, कभी गोड्डा भी जाते हैं, कभी लिट्टीपाड़ा भी जाते हैं। उसका मतलब मेरा जाना कि वही से हम चुनाव लड़ेंगे ऐसा थोड़ी है। हम तो चुनाव वही से लड़ेंगे, जहां से हाइकमान हमको टिकट देगी। चुंकि मैं सेंट्रल कमेटी का मेंबर हूं और संयोग से मुझे केंद्रीय प्रवक्ता भी बनाया गया है। इसलिए हम सब जगह घुम सकते हैं। इसलिए काफी वर्षों बाद हम इस क्षेत्र में आए और हमारे जो पुराने लोग हैं, उनसे मिलने का प्रोग्राम बनाते हुए हम आए। लोगों से हम मिलें और समस्याओं को सुने। पता चला कि यहां लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। लोगों की बातों को सुनकर समस्याओं को हम रखेंगे। केंद्रीय प्रवक्ता हेमलाल मुर्मू ने लिट्टीपाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि हम पार्टी के सिपाही ना है, पार्टी अगर कहे कि आपको उस बॉर्डर पर जाके लड़ाई लड़ना है, तो जाना तो पड़ेगा ना, इसमें क्या दोराय है। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कहे हाइकमान कहे तभी लड़ सकते है। नहीं तो फिर अपने मन से लड़ नहीं सकते। इस दौरान हेमलाल मुर्मू के चेहरे पर मुस्कान खिली थी। इस मुस्कान भरे चेहरों से सवालों का जवाब देने की अदा की भी चर्चाएं हैं।
