तेज रफ्तार हाईवा ने दादाजी का हाथ पकड़ कर चल रही पांच साल की मासूम को रौंदा

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क्राइम रिपोर्टर @समाचार चक्र

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पाकुड़। सदर प्रखंड अंतर्गत सोनाजोड़ी गांव के पास एक तेज रफ्तार हाईवा ने अपने दादाजी का हाथ पकड़ कर चल रही पांच साल की बच्ची को रौंद दिया। जिससे बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौजूद ग्रामीणों ने चालक को पकड़ लिया। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क को जाम कर दिया। तकरीबन पांच घंटे तक सड़क जाम रहा। अधिकारियों के द्वारा समझाने और मुआवजा का आश्वासन देने के बाद जाम हटाया। मिली जानकारी के मुताबिक सोनाजोड़ी गांव के नीचे टोला के रहने वाले मुस्तफा अंसारी अपनी पोती सना खातून का हाथ पड़क कर सड़क किनारे से अपनी साइड से चल रहे थे। इसी दौरान लापरवाह हाईवा चालक तेज रफ्तार से हाईवा लेकर आया और अपना साइड छोड़कर गलत साइड में जाकर बच्ची को रौंद दिया। मृतक पांच साल की सना खातून खून से लथपथ होकर सड़क पर गिरी, तो उसके बाद दोबारा उठ नहीं पाई। घटनास्थल के आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़े दौड़े आए। ग्रामीणों ने हाईवा चालक को पकड़ लिया। इसके बाद मुख्य सड़क को जाम कर दिया। घटना सुबह करीब 7:00 बजे के आसपास का बताया जा रहा है। इधर घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना प्रभारी बबलू कुमार एवं अंचल अधिकारी अरविंद बेदिया घटनास्थल पर पहुंचे।

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अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने का काफी प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण मुआवजा नहीं मिलने तक सड़क जाम हटाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद नगर थाना प्रभारी एवं अंचल अधिकारी ने परिजनों और ग्रामीणों के साथ वार्ता कर मुआवजा का आश्वासन दिया। वहीं तत्काल आर्थिक मदद भी किया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया। वहीं ग्रामीणों ने चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने चालक और हाईवा को जप्त कर लिया। पोस्टमार्टम के लिए शव को सदर अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों को आस-पड़ोस के लोग एवं रिश्तेदार सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। बता दें कि पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार कहर बनकर दौड़ रही है। कोयला ढोने वाली खाली हाईवा हो या पत्थर ढोने वाली बड़ी-बड़ी वाहने हो, सड़क पर सरपट दौड़ती रहती है। इन वाहनों के तेज रफ्तार से आम नागरिक परेशान है। लोग सड़क पर चलने के दौरान डरे सहमे रहते हैं। किसके साथ कब क्या घटना हो जाए, कहना मुश्किल है। प्रशासन लगातार वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई तो कर रही है। लेकिन जब तक सड़क पर उतरकर प्रशासन के लोग तेवर में रहते हैं, तब तक तो ठीक है। लेकिन जैसे ही प्रशासन के लोग चले जाते हैं, इसके बाद वाहनों का कहर दोबारा शुरू हो जाता है। प्रशासन को पूरी सख्ती के साथ ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

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