आउटसोर्सिंग कर्मियों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर किया धरणा प्रदर्शन

पाकुड़। आउटसोर्सिंग कर्मियों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। आउटसोर्सिंग कर्मियों ने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। लंबित मांगों की पूर्ति नहीं होने पर कर्मियों में नाराजगी भी देखी गई। धरना प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में ईमानदारी पूर्वक ड्यूटी करते हैं। लेकिन जब हमारे हित की बात आती है, तो सरकार मुकर जाती है। लंबे समय से हम अपनी मांगों को रख रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रहा है। अगर जल्द सुनवाई नहीं होती है, तो हम आगे आंदोलन को और तेज करेंगे। मांगों को लेकर कहा कि राज्य सरकार के अधीन सरकारी विभागों, कार्यालयों, निगमों, उपक्रमों आदि में कार्यरत सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों जैसे कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, आमीन, वाहन चालक, सफाई कर्मी, माली, खानसामा आदि को आउटसोर्सिंग एजेंसी से मुक्त करते हुए संबंधित विभाग अंतर्गत संविदा या अनुबंध में समायोजित करना होगा। इस प्रकार समायोजित कंप्यूटर ऑपरेटर या डाटा एंट्री ऑपरेटर को वित्त विभाग झारखंड सरकार के संकल्प संख्या 1284 द्वारा कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए निर्धारित मासिक परिलब्धि का भुगतान करना होगा। आमीन, वाहन चालक, सफाई कर्मी, माली, खानसामा आदि के लिए सातवें वेतन पुनरीक्षण के अनुरूप वित्त विभाग द्वारा सम्मानजनक वेतन संविदा राशि निर्धारित करते हुए इसका लाभ दिया जाए। वहीं 60 वर्ष की आयु तक सभी को सेवा सुरक्षित की जाए। भविष्य निधि का प्रावधान किया जाए। महिलाओं को न्यूनतम 90 दिनों का मातृत्व अवकाश का लाभ मिले। पुरुषों को न्यूनतम 30 दिनों का पितृत्व अवकाश का लाभ दिया जाए। इसके अलावा और भी कई मांगों को लेकर कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की।

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