बाल संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए हमें अपने एसएमसी एवं बाल संसद को मजबूत करना होगा

0
53

समाचार चक्र संवाददाता

विज्ञापन

add

अमड़ापाड़ा-झारखंड विकास परिषद द्वारा सुरक्षित बचपन के लिए दामिन पहल परियोजना के तहत शिक्षकों के साथ संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन अनुसूचित जनजातीय आवासीय विद्यालय, डूमरचीर  विद्यालय में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन प्रधानाध्यापक श्रीनाथ पहाड़िया,सरिता हेंब्रम एवं परियोजना समन्वयक मनोरंजन सिंह द्वारा किया गया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समन्वयक ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल संरक्षण व मानव तस्करी के मुद्दों पर क्षमतावर्धन करना है। ताकि बाल दुर्व्यवहार के पीड़ित और संभावित पीड़ित को समय पर सेवा और समर्थन पहुंचाया जा सके। प्रधानाध्यापक श्रीनाथ पहाड़िया ने बाल संरक्षण एवं मानव तस्करी के बारे में बताया कि शिक्षक एवं समाज को मिलकर इस कुरीतियों को समाप्त करेंगे इसके लिए अपनी जवाबदेही तय करनी होगी.शिक्षक सरिता हेंब्रम ने कहा कि बाल संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए हमें अपने विद्यालय प्रबंधन समिति एवं बाल संसद को मजबूत करना होगा,जिससे क्षेत्र में बाल शोषण के मुद्दे पर रोक लगा सके एवं सबको समान शिक्षा मिल सके.मीनू किस्कू  ने कहा कि बाल विवाह,बाल यौन शोषण,बाल मजदूरी, बाल तस्करी,नशाखोरी,अशिक्षा आदि जैसी गंभीर समस्सया देखने को मिल रही है, इसके लिए सभी अभिभावकों को बच्चों के प्रति सचेत होना होगा एवं बच्चों को विद्यालय से जोड़ेंगे तभी गांव में शिक्षा एवं सामाजिक बुराई पर रोक लग सकेगा।इस इस कार्यशाला में डूमरचीर क्लस्टर रिसोर्स सेंटर के कुल 30 शिक्षक मौजूद थे.इस कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अजय मुर्मू ने किया.

विज्ञापन

polytechnic
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here