समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़-सदर पाकुड़ प्रखंड के पृथ्वीनगर गांव में शनिवार देर रात हुई एक भीषण अगलगी ने चार परिवारों की वर्षों की मेहनत और सपनों को कुछ ही मिनटों में राख में बदल दिया। रात करीब एक बजे पूरा परिवार गहरी नींद में था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि घर के भीतर हुए शॉर्ट सर्किट से निकली एक चिंगारी उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बन जाएगी।देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार के बीच परिवार के लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल आए, लेकिन घर के भीतर रखा जीवनभर की कमाई का एक-एक सामान आग की भेंट चढ़ गया। सुबह जब धुआं छंटा तो सामने सिर्फ राख का ढेर और बिखरे हुए सपने दिखाई दे रहे थे।इस मकान में पृथ्वीनगर निवासी अनारुल हक,उनके पुत्र मकसद आलम,महमूद शेख और हक साहब अपने-अपने परिवार के साथ रहते थे। आग ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया।चारों परिवारों के कमरे जल गए। नकद रुपये, सोने-चांदी के आभूषण,फर्नीचर, गोदरेज,छप्पड़ खाट,बर्तन,पंखे,बच्चों की किताबें,जरूरी दस्तावेज और गृहस्थी का पूरा सामान जलकर राख हो गया। प्रत्येक परिवार का लगभग तीन से चार लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।हादसे के बाद परिवार के सदस्यों के पास तन पर पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा। वर्षों की मेहनत से जोड़ा गया आशियाना और गृहस्थी पल भर में खत्म हो गई। गांव के लोगों की आंखें भी इस मंजर को देखकर नम हो गईं।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पूरा मकान और उसमें रखा सामान पूरी तरह जल चुका था।ग्रामीणों ने बताया कि यह परिवार बेहद गरीब है और मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण करता है। ऐसे में यह हादसा उनके लिए किसी पहाड़ टूटने से कम नहीं है।इस दर्दनाक घटना से आहत युवा अधिवक्ता हक साहब की तबीयत भी बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए पाकुड़ के सदर अस्पताल, सोनाजोड़ी में भर्ती कराया गया है।अब इन चार परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि वे सिर छिपाने के लिए छत कहां से लाएं और नई जिंदगी की शुरुआत कैसे करें। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री,आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे फिर से अपने जीवन की टूटी हुई डोर को जोड़ सकें।

