Homeपाकुड़रणडांगा एसएमसी चुनाव में 6 वोट का गणित उलझा,अब प्रत्याशी की पात्रता...
Maqsood Alam
(News Head)

रणडांगा एसएमसी चुनाव में 6 वोट का गणित उलझा,अब प्रत्याशी की पात्रता पर भी सवाल

337 मत पड़े,रजिस्टर में 331 प्रविष्टियां, मतदान के बीच पर्यवेक्षक के जाने और समय से पहले मतदान खत्म करने का आरोप, प्रधानाध्यापक ने भी विभाग को लिखा पत्र

समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़।सदर ब्लॉक के रणडांगा प्राथमिक विद्यालय में 29 अगस्त को हुआ विद्यालय प्रबंधन समिति चुनाव अब मतों के गणित से लेकर प्रत्याशी की पात्रता तक सवालों के घेरे में आ गया है। एक ओर दर्जनों अभिभावकों ने चुनाव परिणाम पर रोक लगाकर पुनर्मतदान की मांग की है,वहीं प्रधानाध्यापक मुसलेउद्दीन शेख ने भी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को पत्र देकर चुनाव में सामने आई स्थिति की जानकारी दी है। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया है।

337 मतों का हिसाब, रजिस्टर में 331 प्रविष्टियां

अभिभावकों की शिकायत के मुताबिक चार प्रत्याशियों को 117, 113, 98 और 9 मत मिले। कुल मतों का आंकड़ा 337 पहुंचता है। दूसरी ओर अभिभावक हस्ताक्षर/उपस्थिति रजिस्टर में 331 प्रविष्टियां होने का दावा किया गया है। यही 6 मतों का अंतर चुनाव की पारदर्शिता पर सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। अभिभावकों ने मतपत्र और रजिस्टर का स्वतंत्र मिलान कर जांच कराने की मांग की है।

दोपहर 2 बजे पर्यवेक्षक गए, 2:15 पर मतदान खत्म

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मतदान के दौरान करीब 2 बजे पर्यवेक्षक कुछ समय के लिए विद्यालय परिसर से चले गए। बाद में उन्हें फोन कर वापस बुलाया गया। इसके कुछ ही समय बाद करीब 2:15 बजे मतदान समाप्त घोषित कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उस समय विद्यालय के बाहर कई अभिभावक मतदान के लिए मौजूद थे। इसी को लेकर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं।

प्रधानाध्यापक ने भी विभाग को भेजी रिपोर्ट

मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुसलेउद्दीन शेख ने भी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र में चार प्रत्याशियों को मिले मतों का विवरण देते हुए कुल 337 मत का उल्लेख किया गया है और मामले में जांच कर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।

अब अध्यक्ष पद से आगे बढ़ा विवाद, प्रत्याशी की पात्रता पर भी सवाल

विवाद के बीच दर्जनों अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक को अलग आवेदन देकर निर्वाचित अध्यक्ष हबीबुर शेख को बरकरार रखने की मांग की है। साथ ही उन्होंने एसएमसी चुनाव के नियमों का हवाला देते हुए आपराधिक मामला लंबित होने वाले उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।आवेदन में मो. सफीकुल शेख के विरुद्ध पाकुड़ मुफस्सिल थाना कांड संख्या 230/2025 और संबंधित NDPS Case No. 13/2025 में धारा 21(a) एवं 22(a) के तहत मामला लंबित होने का उल्लेख किया गया है। यह मामला न्यायालय में लंबित होने का दावा आवेदन में किया गया है। हालांकि, संबंधित उम्मीदवार की दोषसिद्धि का कोई निष्कर्ष इन दस्तावेजों में नहीं दिया गया है।

अब शिक्षा विभाग के सामने तीन बड़े सवाल

छह मतों का अंतर कहां से आया? मतदान खत्म होने के समय क्या सभी इच्छुक अभिभावकों को अवसर मिला? और चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार की पात्रता क्या नियमों के अनुरूप थी? इन सवालों का जवाब अब जांच से ही सामने आएगा।अभिभावकों ने चुनाव से जुड़े मतपत्र,उपस्थिति रजिस्टर और अन्य अभिलेख सुरक्षित रखकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मामला अब सिर्फ हार-जीत का नहीं रह गया है एसएमसी चुनाव की पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा विभाग के निर्णय से तय होगा कि चुनाव परिणाम कायम रहेगा या इस विवाद का अगला अध्याय पुनर्मतदान से शुरू होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

RELATED ARTICLES

Recent Comments