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Maqsood Alam
(News Head)

पाकुड़ के जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शिक्षा का नया मॉडल,उपलब्धियों और चुनौतियों पर खुलकर हुई चर्चा

प्रेस वार्ता में प्रभारी प्राचार्य ने साझा किया विद्यालय का रिपोर्ट कार्ड,नवाचारों से लेकर आगामी योजनाओं तक की दी जानकारी

समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (राज+2), पाकुड़ में बुधवार को विद्यालय प्रशासन की ओर से विशेष प्रेस वार्ता आयोजित कर विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों,नवाचारों, विद्यार्थियों के लिए संचालित गतिविधियों तथा आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रेसवार्ता में प्रभारी प्राचार्य राजू नंदन साहा ने बीते सत्र की कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विद्यालय में किए जा रहे बदलावों और सामने आ रही चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की।प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय के कायाकल्प के तहत रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण के साथ-साथ विद्यालय परिसर को बेहतर स्वरूप दिया गया है। विद्यार्थियों में अनुशासन और सकारात्मक वातावरण विकसित करने के लिए ‘ग्रीन प्रीफेक्ट सिस्टम’ लागू किया गया है। विद्यालय में व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए कक्षाओं का नियमित निरीक्षण भी किया जाता है।

प्रवेश से लेकर मूल्यांकन तक पारदर्शी व्यवस्था-—

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विद्यालय में विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए त्रिस्तरीय पारदर्शी मूल्यांकन व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें जेईपीसी ओएमआर टेस्ट,स्कूल मेन परीक्षा तथा पैरेंट-चाइल्ड काउंसलिंग शामिल है। इस पहल के तहत नए विद्यार्थियों की गतिविधियों और प्रदर्शन का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। विद्यार्थियों की राइटिंग स्किल पर नियमित रूप से कार्य किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें व्यावसायिक एवं स्किल ट्रेनिंग के साथ काउंसलिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है।

नीट-जेईई की तैयारी से लेकर स्वास्थ्य और संस्कृति तक पर जोर—

विद्यालय में नियमित पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।डे-स्पेशल एक्टिविटीज,स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम,हर्ष-जौहर,योग एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नीट और जेईई मेन जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जा रही है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार इन प्रयासों का सकारात्मक असर अभिभावकों की भागीदारी में भी देखने को मिला है। हालिया अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में 522 अभिभावकों ने हिस्सा लिया।

बोर्ड परीक्षा में उपस्थिति को लेकर बड़ा फैसला—

प्रेस वार्ता में विद्यालय प्रबंधन समिति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बताया गया कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं के एलओसी सबमिशन में उपस्थिति को लेकर राहत देने का प्रावधान किया गया है। पाकुड़ जिले की क्षेत्रीय परिस्थितियों और विशेष रूप से पीभीटीजी समुदाय के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए 60 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले वास्तविक विद्यार्थियों को राहत दिए जाने की बात कही गई है।हालांकि,विद्यार्थियों को 1 जनवरी 2027 तक 75 प्रतिशत उपस्थिति पूर्ण करने की शर्त रखी गई है। स्वास्थ्य संबंधी कारणों अथवा खेल प्रमाण-पत्र के आधार पर अनुपस्थित विद्यार्थियों के मामलों में न्यूनतम उपस्थिति सीमा 45 प्रतिशत तक मान्य होने की बात भी दस्तावेज में कही गई है।

20 दिसंबर को स्थापना दिवस, एल्युमनी मीट का भी आयोजन-—

विद्यालय का स्थापना दिवस आगामी 20 दिसंबर को भव्य रूप से मनाने की तैयारी है। इस अवसर पर उत्कृष्ट विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही विज्ञान एवं वोकेशनल प्रदर्शनी तथा खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।इसी दिन द्वितीय एल्युमनी मीट (पूर्व छात्र सम्मेलन) आयोजित होगी, जिसमें वर्ष 2000 से 2005 बैच के पास-आउट विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। विद्यालय के विकास कार्यों को गति देने में पूर्व छात्रों के सहयोग की भी उम्मीद जताई गई है।

ऑडिटोरियम और खेल मैदान की जरूरत,शिक्षकों की कमी बनी चुनौती—

प्रेस वार्ता के दौरान विद्यालय की कुछ महत्वपूर्ण जरूरतों और समस्याओं को भी सामने रखा गया। विद्यालय में ऑडिटोरियम और खेल मैदान की आवश्यकता बताई गई। वहीं, शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।प्रभारी प्राचार्य के अनुसार परीक्षा परिणामों के आधार पर विगत जून माह में कई शिक्षकों का अन्यत्र प्रतिनियोजन किया गया,लेकिन उनके स्थान पर नए शिक्षकों की पदस्थापना नहीं हो सकी। इस संबंध में पत्राचार के माध्यम से शिक्षकों की मांग भेजी जा चुकी है।विद्यालय प्रबंधन ने जेईपी-सी के निर्देशानुसार रिक्त पदों पर शिक्षकों की शीघ्र प्रतिपूर्ति की मांग शिक्षा विभाग से की है, ताकि विद्यालय के शैक्षणिक परिणाम और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।

मीडिया को विद्यालय की विभिन्न समितियों में सहयोग का आग्रह—

प्रेस वार्ता के अंत में प्रभारी प्राचार्य ने उपस्थित पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय के विकास और पारदर्शी कार्यप्रणाली में सहयोग की अपेक्षा जताई। विद्यालय प्रशासन ने पाकुड़ जिला स्थानीय पत्रकार संघ से भी आग्रह किया है कि वह अपने किसी प्रतिनिधि को विद्यालय की विभिन्न समितियों में शामिल करे, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय के विकास कार्यों में व्यापक सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।

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