मकसूद आलम
पाकुड़।सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और अस्पताल की व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए सिविल सर्जन डॉ. पी.के. संथालिया ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को शाम 6:30 बजे औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की विद्युत व्यवस्था में खामियां सामने आने पर सिविल सर्जन ने कड़ा रुख अपनाया। रात्रि के समय लाइट नहीं जलने की समस्या पर उन्होंने संबंधित इलेक्ट्रीशियन मिंटू को फटकार लगाई और विद्युत व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
एक महीने बाद भी एसएनसीयू की तकनीकी समस्या दूर नहीं-—
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निरीक्षण के दौरान एसएनसीयू में स्टेबलाइजर लगाने और वोल्टेज से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का मामला भी सामने आया। जानकारी के अनुसार, इन समस्याओं को दूर करने के लिए लगभग एक महीने पहले ही आवश्यक निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित कार्य पूरे नहीं होने पर सिविल सर्जन ने गहरी नाराजगी जताई।मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित पदाधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही, अगले 48 घंटे के भीतर एसएनसीयू में स्टेबलाइजर लगाने और वोल्टेज से संबंधित सभी आवश्यक तकनीकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

लेबर रूम से लेकर महिला-पुरुष वार्ड तक लिया जायजा-—
औचक निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन ने लेबर रूम, पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड और स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) का जायजा लिया। इस दौरान सभी वार्डों में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित पाए गए और अपने कार्यों का निष्पादन करते मिले। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई और अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
मरीजों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं—
सिविल सर्जन डॉ. पी.के. संथालिया ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर दुरुस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही और दिए गए निर्देशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान डॉ. दयानंद आर्य भी उपस्थित थे
अब निगाहें 48 घंटे की समय-सीमा पर—
एसएनसीयू में स्टेबलाइजर लगाने और वोल्टेज संबंधी तकनीकी समस्याओं को दूर करने के निर्देश के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित समय में व्यवस्था दुरुस्त होती है या नहीं। नवजात शिशुओं की देखभाल से जुड़े इस महत्वपूर्ण विभाग में विद्युत व्यवस्था का सुचारु रहना विशेष रूप से आवश्यक है।

