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Maqsood Alam
(News Head)

मां दुर्गा के दरबार में पहुंचे समाजसेवी लुत्फुल हक, की सुख-शांति और समृद्धि की कामना

मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं,प्रेम और सद्भाव ही समाज की असली ताकत- लुत्फुल हक

समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़- आस्था के रंग में रंगे दुर्गापूजा के पावन अवसर पर पाकुड़ में भक्ति, सौहार्द और सामाजिक एकता की सुंदर तस्वीर देखने को मिली। सप्तमी पूजा के अवसर पर गरीबों के मसीहा और जाने-माने समाजसेवी लुत्फुल हक ने शहर के रेलवे कॉलोनी स्थित नारी शक्ति दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचकर मां दुर्गा के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने माता रानी से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मां दुर्गा के दरबार में उनकी उपस्थिति ने सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। पूजा समिति की अध्यक्ष दीपाली साह ने माता की चुनरी ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।

आस्था अलग हो सकती है,लेकिन इंसानियत का रास्ता एक है—

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दुर्गापूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं,बल्कि प्रेम,करुणा, शक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक भी है। ऐसे पावन अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोगों का एक-दूसरे के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होना समाज की एकता को मजबूत करता है। लुत्फुल हक का पूजा पंडाल पहुंचना भी इसी साझा संस्कृति और सद्भाव की भावना को दर्शाता है।समाजसेवी लुत्फुल हक ने मानवता को सर्वोपरि बताते हुए कहा,मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इंसानियत, आपसी प्रेम और भाईचारा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। मां दुर्गा से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख-शांति बनी रहे और समाज में प्रेम व सद्भाव का दीप हमेशा जलता रहे।उन्होंने पर्व के इस पावन अवसर पर समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग की भावना मजबूत करने का संदेश दिया।

मां दुर्गा की आराधना के बीच इंसानियत का संदेश–

आज जब समाज को आपसी विश्वास और एकजुटता की सबसे अधिक जरूरत है,तब ऐसे अवसर यह याद दिलाते हैं कि पूजा-पाठ की सार्थकता मानवता,सेवा और सद्भाव में भी निहित है। मां दुर्गा की शक्ति का संदेश अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और समाज में अच्छाई को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।पाकुड़ की यह तस्वीर यही संदेश देती है कि धर्म और आस्था के रास्ते भले अलग हों, लेकिन इंसानियत, प्रेम और भाईचारे की मंजिल एक ही है।यही सद्भाव पाकुड़ की पहचान और सामाजिक एकता की असली ताकत है।

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