स्वराज सिंह@प्रभात मन्त्र
पाकुड़। व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाल कृष्ण तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को एक दंपति को धारदार हथियार से गर्दन काटकर नृशंस हत्या करने का दोषी पाकर आजीवन कारावास एवं पचास हजार रुपया का जुर्माना करने की सजा सुनाई। जुर्माना की राशि नहीं देने पर उन्हें एक साल और जेल की सजा काटनी होगी। ये हत्यारा अमड़ापाड़ा थाना अंतर्गत पोचैबेड़ा गांव के कोड़ा टुडू के पुत्र बचला टुडू तथा कुमी टुडू के पुत्र जेठा टुडू एवं कृष्ण टुडू हैं। मृतक बुजुर्ग संतानहीन दंपति उसी गांव सुरुज सोरेन और नायकी टुडू थे। मृतक सुरुज सोरेन की बहन उड़की सोरेन ने एक जून 2021 को महेशपुर थाना में इस हत्याकांड पर कांड संख्या 84/21 दर्ज की थी। दर्ज एफआईआर के अनुसार मृतक दंपति का कोई संतान नहीं होने के कारण उड़की सोरेन का बेटा मताल हेंब्रम उनकी देखभाल करते थे। दंपति की जमीन को तीनों हत्यारे और उनके परिवार के लोग हड़पना चाहते थे। इसको लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। इसी बीच हत्या की यह घटना घट गई। उक्त हत्यारों ने दंपति को धारदार हथियार से गर्दन काटकर दोनों लाश को पत्थर और लकड़ी से बांधकर पकड़ीपाड़ा की नाला में फेंक दिया था। कई दिन बाद लाश पाया गया था। न्यायाधीश ने भादवि की धारा 302/34 के तहत तीनों को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपया जुर्माना किया है। राशि जमा नहीं करने पर उसे एक साल और जेल में रहना पड़ेगा। वहीं भादवि की धारा 201/34 के तहत 5 साल की सजा एवं 10 हजार रुपया किया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर सभी को एक साल और जेल काटनी होगी।
Maqsood Alam
(News Head)
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