मक़सूद आलम/चंदशेखर मेहता की रिपोर्ट
पाकुड़-अमड़ापाड़ा स्थित पचवारा सेंट्रल कॉल ब्लॉक से कोयला लोड कर पाकुड़ रेलवे साईडिंग के लिए निकली डंपर संख्या जेएच 16 एच 3701 निर्धारित रूट को छोड़कर महेशपुर की ओर निकल पड़ी और लौगांव के समीप कांदर नदी में जा पलटी। घटना रविवार देर रात की बताई जाती है।घटना की सूचना मिलते ही महेशपुर थाना प्रभारी सदल बल घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने डंपर को जप्त कर स्थानीय चौकीदार के हवाले कर दिया है।जानकारी के मुताबिक आमतौर पर कोयला लोड डंपर पोखरिया के रास्ते पाकुड़ पहुंचती है।रविवार को भी सभी डंपर इसी रूट पर निकली।इस बीच जेएच 16 एच 3701 नंबर की डंपर निर्धारित रूट को छोड़ कर पोखरिया से महेशपुर की ओर जाने वाली सड़क पर निकल पड़ी और आगे जाकर पलट गई।अब सवाल यह उठता है कि निर्धारित रूट को छोड़कर महेशपुर के रास्ते यह डंपर पश्चिम बंगाल तो नहीं जा रही थी। लोगों का कहना है कि डंपर में लोड कोयला को चोरी छुपे पश्चिम बंगाल पहुंचने की तैयारी थी। यदि डंपर नहीं पलटती तो कोयले के कालाबाजारी यह धंधा पकड़ में नहीं आता। कोयला लोडिंग करनेवाले ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि डंपर में लदे कोयले को अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा था इसलिए ट्रांसपोर्ट कंपनी एमएटी को ब्लैक लिस्ट किया जाना चाहिए। ट्रांसपोर्टर यह भी आप लग रहे हैं कि एमएटी कंपनी के लोग प्रबंधन के कुछ लोगों की मिली भगत से रात के अंधेरे में यह गोरखधंधा करती रही है।
कौन है ट्रांसपोर्ट कंपनी का स्थानीय संचालक
एमएटी ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक सुब्रतो पॉल बताया जाता है जबकि स्थानीय रूप से इसका संचालक गौरव चौधरी है। गौरव चौधरी के निगरानी में ही एमएटी कंपनी के डंपर कोल माइंस से कोयले को रेलवे साइड तक पहुंचाते हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या गौरव चौधरी के ईशारे पर ही डंपर ड्राइवर कोयले से लदे डंपर को रूट से हटाकर महेशपुर की ओर निकल पड़ा था। इसका खुलासा तो पुलिस की जांच पड़ताल के बाद ही हो सकेगा। बहरहाल रूट से भटक कर दूसरे रोड पर पलटने वाले इस डंपर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
एमएटी कंपनी के मातहत चलता है सैकड़ों डंपर–
वेंडर कंपनी एमएटी के मातहत 100 से ज्यादा डंपर का परिचालन होता है। इस कंपनी का मालिक सुब्रत पॉल पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। लोगों का कहना है कि इस कंपनी में चलने वाले सभी डंपरों के जीपीएस लोकेशन की जांच की जानी चाहिए। इसे यह पता चल सकेगा कि इस कंपनी के किस डंपर ने कब-कब निश्चित रूट को छोड़कर कोई दूसरा रूट पकड़ा है। यदि इस कंपनी के डंपरों का जीपीएस लोकेशन लिया गया तो कंपनी के कारनामों की कलई खुल सकती है।
क्या कहते हैं एमडीयू कंपनी के महाप्रबंधक—
पचवारा सेंट्रल कोल ब्लॉक के एमडीओ कंपनी डीबीएल के महाप्रबंधक राधा रमन राय ने बताया कि कंपनी इस मामले की जांच कर रही है। वेंडर कंपनी के नियत पर सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता। वैंडर कंपनी सही है। हो सकता है कि ड्राइवर किसी के बहकावे में आकर डंपर को दूसरे रूट पर ले गया हो। कंपनी सभी बिंदुओं की पड़ताल कर रही है।
क्या कहते हैं वेंडर कंपनी के मालिक
एमएटी कंपनी के मालिक सुब्रतो पॉल ने कहा कि शायद ड्राइवर नशे में था। वह रूट भटक गया। जब उसे गलत रूट पर जाने का भान हुआ तो वह डंपर को वापस लेकर लौट रहा था इसी दौरान डंपर नदी में पलट गई।
क्या करते हैं थाना प्रभारी–
महेशपुर के थाना प्रभारी आनंद पंडित ने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की तहकीकात की गई है। डंपर को जप्त कर लिया गया है। डंपर को स्थानीय चौकीदार के निगेहबानी में रखा गया है।
