समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। नॉन बैंकिंग कंपनी ने एक बार फिर गरीबों को झांसे में लेकर ठगी का शिकार बनाया है।अधिकार माइक्रोफाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड नामक नॉन बैंकिंग कंपनी ने पाकुड़ के अलावा पाकुड़िया, महेशपुर, हिरणपुर अमड़ापाड़ा, कोटलपोखर और बरहेट के करीब 200 लोगों को लोन देने का प्रलोभन देकर ठगने का काम किया है। वहीं खाता खुलवाने के नाम पर प्रत्येक लोगों से 3050 रुपए वसूल कर उन्हें एक पर्ची पकड़ा दिया। लोगों को कहा कि आप लोग 8 तारीख को पाकुड़ स्थित ब्रांच शहरकोल पहुंचे और वहीं से आपके खाते में 65,000 रुपए लोन के रूप में आपके खाते में डाल दी जाएगी। सभी इलाके से जब लोग आज ब्रांच के कार्यालय में पहुंचे, तो देखा कि कार्यालय का शटर गिरा हुआ है। काफी देर तक पता करने के बाद भी कोई नहीं पहुंचने पर लोग मायूस हो गए। लोगों ने नगर थाना को सूचना दी। थाना के अधिकारी पहुंचकर जांच पड़ताल की, लेकिन कोई वहां नहीं मिला। थोड़ी देर के बाद एक युवक वहां पहुंचा तो उसे लोगों ने बंधक बनाकर रखा और नगर थाना को सौंप दिया। ठगी के शिकार हुए दर्जनों लोगों ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि आप लोग 3050 रुपए करके दें और आपको लोन के रूप में 65,000 रुपए दिया जाएगा। शुक्रवार को सभी को पाकुड़ बुलाया गया था। लेकिन यहां पहुंचने पर कार्यालय में कोई नहीं दिखा। ठगी के शिकार हुए लोग मायूस होकर सीधे पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे और उनसे ठगी के पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई। एसपी ने लोगों की बात सुनकर गंभीरता से लिया और उन्हें कार्रवाई करने का भरोसा दिया। पुलिस अधीक्षक हृदिप पी जनार्दन ने लोगों को समझाया कि अगर कोई आपके गांव में इस तरह का झूठा आश्वासन पैसा दिलाने का या फिर लोन दिलाने का कोई बात करता है, तो इस बात की सूचना स्थानीय थाना को दें। थाना के लोगों से जांच करने के बाद ही किसी प्राइवेट बैंक में खाता खुलवाने का काम करें। पुलिस अधीक्षक से नॉन बैंकिंग कंपनी पर कार्रवाई करने का भरोसा मिलने पर लोग वापस लौट गए। एसपी ने नगर थाना प्रभारी को ठगी के शिकार हुए लोगों की लिखित शिकायत पर क्विक एक्शन लेने का निर्देश दिया। इधर ठगी के शिकार हुए लोग मायूस होकर अपने घर लौट गए। मालूम हो कि पाकुड़ में 8-10 साल पहले भी दर्जनों नन बैंकिंग कंपनी लोगों को ठग कर चंपत हो गए हैं। लोगों की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ और यह मामला अब सीबीआई के हवाले है। जिसकी जांच सीबीआई कर रही है।
