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Maqsood Alam
(News Head)

मजाक बना श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन की योजनाएं, सरकार के मंसूबों पर पानी फेर गया ठेकेदार

मिनी कोल्ड स्टोरेज का प्लैटफॉर्म बनाए बिना भागा ठेकेदार,भूत बंगला बना पोल्ट्री फॉर्म, टूटने लगी खिड़कियां

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Gunjan Saha
(Desk Head)

समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। सदर प्रखंड के रामचंद्रपुर पंचायत में श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्वन मिशन की योजनाओं का मजाक उड़ाया जा रहा है। एक साल में भी मिनी कोल्ड स्टोरेज का प्लैटफॉर्म नहीं बना। पोल्ट्री फॉर्म भी भूत बंगला बनता जा रहा है। फॉर्म की खिड़कियां टूटने लगा है। फॉर्म का इस्तेमाल नहीं होने से गंदगी पसरा हुआ है।किसानों के फसलों की सुरक्षा के लिए बनाए गए मिनी कोल्ड स्टोरेज का प्लैटफॉर्म का आधा अधुरा काम छोड़कर ठेकेदार फरार है। मिनी कोल्ड स्टोरेज के लिए मशीनें भी ठीक-ठाक लगा दी गई है। मशीनों को चालू भी कर दिया गया है। लेकिन प्लेटफॉर्म निर्माण का ठेका लेने वाले ठेकेदार ने अब तक काम पूरा नहीं किया। यहां काम पूरा करने की बात कौन कहें, शुरू करने के बाद से ही ठेकेदार फरार हो गया है। ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत निर्मित कोल्ड स्टोरेज को विधिवत चालू भी कर दी गई है। मशीनें सारे चालू अवस्था में हैं और ग्रामीणों में विशेष कर किसानों में खुशी का माहौल है। लेकिन प्लेटफॉर्म निर्माण नहीं होने से नाराजगी भी देखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि गुलदाहा गांव में श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्वन मिशन के तहत सोलर संचालित कोल्ड रूम सह मिनी कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया गया है। ईलामी क्लस्टर के अंतर्गत रामचंद्रपुर पंचायत के गुलदाहा गांव में कोल्ड स्टोरेज के साथ-साथ प्लेटफार्म का भी निर्माण कराया जाना था। जिसका कार्यकारी एजेंसी भवन निर्माण विभाग पाकुड़ और नियोजक डीआरडीए पाकुड़ है। ग्रामीणों से जानकारी मिली कि साल भर पहले कोल्ड स्टोरेज के लिए प्लेटफॉर्म निर्माण का काम शुरू किया गया। लेकिन काम शुरू होने के कुछ ही दिन बाद ठेकेदार फरार हो गया। इसके बाद ठेकेदार का दर्शन तक नहीं हुआ। यहां ठेकेदार की मनमानी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि विभाग की भी नहीं सुनते हैं। भवन निर्माण विभाग के सूत्रों से जानकारी मिली कि ठेकेदार को कई बार प्लेटफॉर्म निर्माण का काम पूरा करने को कहा गया। लेकिन ठेकेदार ने एक भी नहीं सुनी। भवन निर्माण विभाग के लाख कहने पर भी ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। इसका खामियाजा कहीं ना कहीं किसानों को भुगतना पड़ेगा। वहीं ठेकेदार की मनमानी से सरकार का यह अति महत्वाकांक्षी योजना प्रभावित होगा। प्लेटफॉर्म का निर्माण नहीं होने से कोल्ड स्टोरेज पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए प्लेटफॉर्म का निर्माण जल्द से जल्द कर देना चाहिए। अगर ठेकेदार विभाग की भी नहीं सुनते, तो ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड कर देना चाहिए। ताकि दूसरा ठेकेदार सबक ले और सरकारी योजनाओं के साथ खिलवाड़ ना करें।

उद्देश्य से भटक रहा पोल्ट्री फॉर्म का निर्माण

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्वन मिशन अंतर्गत गुलदाहा गांव में बनाए गए पोल्ट्री फॉर्म का निर्माण अपने उद्देश्य से भटक रहा है। जिसकी स्थिति बेहद खराब है। कई पोल्ट्री फॉर्म की तो खिड़कियां टूट फूट गई है। फॉर्म के अंदर गंदगी पसरा हुआ है। जिस उद्देश्य से सरकार ने फॉर्म को बनाया, वह उद्देश्य फिलहाल पूरा होता नहीं दिख रहा है। अधिकतर फॉर्म बेकार पड़ा हुआ है और हाथी का दांत साबित हो रहा है। यहां ना तो पोल्ट्री और ना ही बत्तख पालन को बढ़ावा मिलता दिख रहा है और ना ही फॉर्म की देखरेख की जा रही है। अगर एकाध फॉर्म को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर फॉर्म की स्थिति बिल्कुल भी अच्छी नहीं है।

महिलाओं को स्वरोजगार व सशक्त बनाना था लक्ष्य

उल्लेखनीय है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्वन मिशन के तहत ईलामी और रामचंद्रपुर पंचायत को विकसित करने के लिए सरकार ने विशेष योजना चला रखी है। यहां महिलाओं को रोजगार से जुड़ने के लिए पोल्ट्री फॉर्म का निर्माण कराया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के तहत भवन प्रमंडल पाकुड़ की ओर से फॉर्म का निर्माण कराया गया है। आजीविका सखी मंडल की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पोल्ट्री या बत्तख पालन के लिए जोड़ा गया है।‌ ताकि महिलाएं स्वरोजगार और सशक्त बनें। लेकिन यहां ऐसा कुछ भी प्रतीत नहीं हो रहा है।

अभियंता ने कहा

इधर विभागीय अभियंता जनार्दन मंडल ने कहा कि ठेकेदार को कई बार निर्माण कार्य पूरा करने को कहा गया। लेकिन ठेकेदार ने काम नहीं किया।

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