मर्चेंट नेवी में करियर बनाने को ले घर से मोटी रकम लेकर भागे नाबालिग रिशु की सकुशल बरामदगी

अपने बेटे के गुम हो जाने से टूट चुकी थी मां

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ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा। मां का क्रंदन और कारुणिक पुकार किसी भी बेटे को उसके ममतामयी आँचल से कोई नहीं छीन सकता। ऐसा ही हुआ और आखिरकार स्थानीय बाजार के पुराने स्टेट बैंक बिल्डिंग के निकट के निवासी राजेश गुप्ता के पुत्र 16 वर्षीय नाबालिग रिशू गुप्ता की सकुशल बरामदगी हो गई । गत 10 जून के अहले सुबह अपनी मां से मॉर्निंग वॉक का बहाना बना घर से भागे रिशू की बरामदगी शनिवार सुबह पाकुड़ रेलवे स्टेसन से कर ली गई। सकुशल वापसी में उसके पड़ोसी व स्थानीय मीडिया सहित पुलिस का सहयोग सराहनीय रहा। वह घर से मोटी रकम लेकर भागा था। उसने भागने के दौरान अपनी मोटी रकम को अपने सहयोगी दोस्त बाजार क्षेत्र निवासी राजेश भगत के 17 वर्षीय पुत्र राजा भगत को सौंप दिया था। रिशु के पिता ने अपने बच्चे की गुमशुदगी की इत्तला पुलिस को दी थी। पिछले चार -पांच दिनों के दौरान रिशु सोसल मीडिया पर काफी ट्रेंड हो रहा था। उसके सकुशल वापसी में सहयोग हेतु सोसल मीडिया के विभिन्न प्लैटफॉर्म पर परिजन द्वारा यूजर्स से लगातार अपील की जा रही थी। अपने बच्चे के अचानक गुम हो जाने की वजह से परिवार बेहद तनावग्रस्त और चिंतित था।

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नेवी में करियर बनाने के लिए घर से भागने की बात भी बताई नाबालिग रिशु ने

रिशु की सकुशल बरामदगी पर एसडीपीओ विजय कुमार शनिवार को थाना पहुंचे। उन्होंने रिशु और उसके मित्र राजा से आवश्यक पूछताछ किया। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि वह मर्चेंट नेवी बनने के लिए घर से भागा था। हालांकि उसने और उसके सहयोगी मित्र ने पुलिस पदाधिकारी को जानकारी के लिए पूछताछ में अलग-अलग तरह की बात बताई जो अपरिपक्व मानसिकता का संकेत था।

एसडीपीओ ने किया प्रेस मीट कहा बच्चों को है काउंसलिंग की जरूरत

तमाम पूछताछ के बाद एसडीपीओ ने पत्रकारों को बताया कि रिशु की गुमशुदगी पर कांड संख्या: 26/24 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस गंभीर हुई। उसके सोसल मीडिया अकाउंट को खंगाला गया। कुछ तकनीकि साक्ष्य भी मिले। घर में अभिभावक से कुछ मतभेद हुई थी। वह पिता के रुपए लेकर भागा था। सभी प्रकार की कड़ियों को जोड़ा गया। रिशु की सकुशल वापसी हुई जो बड़ी बात है। हालांकि रिशु के सहयोगी राजा का इरादा आपराधिक नहीं था। इस मामले में अन्य किसी की संलिप्तता नहीं है। दोनों अपरिपक्व हैं। इन बच्चों को काउंसलिंग की जरूरत है। बेहतर काउंसलिंग से ये सुधार पर आ जाएंगे।

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