समचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। सदर अस्पताल में तोड़फोड़, डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाएं बढ़ती जा रही है। लापरवाही के आरोप में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों को कभी मरीज के परिजनों के गुस्से का सामना करना पड़ता है, तो कभी असामाजिक तत्वों की गलत नीयती या हरकतों से परेशान होना पड़ता है। इधर सोमवार को भी एक और घटना हो गई। जिसमें मरीज के परिजनों के द्वारा डॉक्टरों के साथ ना सिर्फ बदतमीजी की गई, बल्कि मारपीट पर उतारू हो गए। तीन-तीन डॉक्टरों से धक्का-मुक्की और मारपीट किया गया। सदर अस्पताल में कार्यरत डॉ आनंद कुमार और डॉ शाहरुख के साथ मारपीट की गई। इस दौरान बीच-बचाव करने आए डॉ अमित कुमार से बदतमीजी करते हुए धक्का-मुक्की किया गया। डॉ अमित कुमार ने बताया कि सोमवार को सुबह करीब 11:00 बजे लिट्टीपाड़ा करियोडीह की एक महिला मरीज को भर्ती कराया गया था। महिला पांच साल से कैंसर से पीड़ित थी। सदर अस्पताल में भर्ती के बाद डॉक्टरों की ओर से अस्पताल में उपलब्ध सारी व्यवस्थाएं अपनाई गई। ऑक्सीजन से लेकर तमाम इंतजाम किए गए। दोपहर बाद करीब 3:00 बजे मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉ आनंद पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मारपीट करने लगे। इस दौरान वहां पहुंचे डॉ शाहरुख के साथ भी मारपीट किया गया। हल्ला सुनकर मैं भी वहां गया, तो मेरे साथ भी धक्का-मुक्की करने लगा। डॉ अमित कुमार ने बताया कि हालात यह थी कि पुलिस को खबर करनी पड़ी। पुलिस के पहुंचने से पहले मारपीट करने वाले मरीज के परिजन अस्पताल से भाग निकले। पुलिस को सारी जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ है। मरीज के कुछ परिजन मौजूद है, जो शव को अस्पताल से ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला पांच साल से कैंसर से पीड़ित थी और उनकी हालत बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों ने फिर भी अस्पताल में मौजूद तमाम सुविधा उपलब्ध कराने के साथ इलाज में भरपूर कोशिश की। लेकिन मरीज को बचाया नहीं जा सका। इस तरह के मरीज के इलाज में भी लापरवाही का आरोप लगाया जाता है। इस परिस्थिति में डॉक्टर और स्वास्थ कर्मी कैसे काम करेंगे। सदर अस्पताल में बहुत बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में हिरणपुर की एक महिला की मौत के बाद भी अस्पताल में तोड़फोड़ किया गया था।
