अबुल काशिम @समाचार चक्र
पाकुड़। पिछले 17 फरवरी को लिट्टीपाड़ा प्रखंड के झेनागढ़िया गांव में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार एवं मारपीट मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने से स्वास्थ विभाग में कार्यरत कर्मियों में आक्रोश बढ़ रहा है। इधर मामले को लेकर घटना के बाद से ही विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को भी जिले भर के तमाम सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर काम किया और विरोध प्रदर्शन किया। इसमें एएनएम जीएनएम संघ, चिकित्सा कर्मचारी संघ, एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ, आउटसोर्सिंग संघ, एनएचएम जिला संघ, पैरामेडिकल संघ में शामिल तमाम एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आईटी फार्मासिस्ट, एनएचएम, मलेरिया एवं टीबी कार्यालय के कर्मचारी, आउटसोर्सिंग कर्मचारी, क्लर्क जैसे स्वास्थ्य कर्मियों ने हिस्सा लिया। सदर अस्पताल सहित जिले भर में चल रहे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर काम करते हुए विरोध जताया। इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि गत 17 फरवरी को ड्यूटी के दौरान लिट्टीपाड़ा प्रखंड के झेनागढ़िया में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार एवं मारपीट की गई थी। इस संबंध में विभाग की ओर से स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज किया गया था। इस घटना की सभी स्वास्थ्य संगठनों के द्वारा निंदा की गई थी। यह भी बताया गया कि धरना प्रदर्शन के दौरान दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की मांग की गई। कार्य बहिष्कार का भी निर्णय लिया गया था। उपायुक्त के द्वारा वार्ता के दौरान दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर पहल करने का आश्वासन दिया गया था। उपायुक्त ने कहा था कि एमडीए आईडीए का कार्यक्रम 25 फरवरी तक चलने वाला है। इसमें किसी तरह की रुकावट पैदा नहीं हो, इसके बाद घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहल किया जाएगा। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए स्वास्थ्य संगठनों की ओर से एकजुटता के साथ विरोध का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसमें 28 फरवरी तक सभी स्वास्थ्य कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करने का प्रस्ताव लिया गया था। इसके साथ ही 1 मार्च को पेन डाउन कर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया था। वहीं 2 मार्च को 12:00 बजे पुराना सदर अस्पताल से उपायुक्त आवास होते हुए वीर कुंवर सिंह भवन (पुराना टाउन हॉल) तक आक्रोश रैली निकालने का निर्णय लिया गया है। अगर मांग पूरी नहीं होती है तो मजबूरन 3 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि आए दिन स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया जाता है। प्रशासन के द्वारा सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता रहा है। इसलिए कार्रवाई नहीं होने पर हम लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
