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Maqsood Alam
(News Head)

मदरसा जामिया नुरुल होदा लील बनीन अल बनात का 50वां वार्षिक जलसा का आयोजन

बतौर मुख्य अतिथि सांसद विजय हांसदा व समाजसेवी लुत्फल हक ने की शिरकत,बिहार व बंगाल से पहुंचे वक्ताओं ने शिक्षा व महिला सम्मान पर दिया जोर

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Gunjan Saha
(Desk Head)

समाचार चक्र संवाददाता

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पाकुड़। सदर प्रखंड अंतर्गत ईलामी पंचायत में संचालित मदरसा जामिया नुरुल होदा लील बनीन अल बनात का 50वां वार्षिक जलसा का आयोजन रविवार को किया गया। प्रधान वक्ता के रूप में बिहार के पुर्णिया के मौलाना हुसैन सलाफी, पश्चिम बंगाल के उत्तर दीनाजपुर के मौलाना अबुल कलाम आजाद एवं पश्चिम बंगाल के ही मौलाना हबिबुर रहमान ने तकरीर पेश किया। मुख्य अतिथि के रूप में राजमहल लोकसभा सांसद विजय हांसदा एवं विख्यात समाजसेवी लुत्फल हक ने शिरकत किया। आयोजित जलसा में मुख्य रूप से मदरसा में शिक्षा व्यवस्था को और ज्यादा प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। आमंत्रित वक्ताओं ने बेहतर समाज का निर्माण और देश के विकास में शिक्षा की अहमियत पर जोर दिया। अपने-अपने संबोधन में वक्ताओं की ओर से शिक्षा को बढ़ावा देने की अपील की गई। इसके साथ-साथ जलसा में महिला सम्मान पर भी प्रमुखता से बातें रखी गई। महिलाओं को समाज में सम्मान का विशेष अधिकार है, इस पर विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते और उनके बीच एक-दूसरे के प्रति सम्मान की अहमियत पर खासतौर पर बताया गया। वहीं मुख्य अतिथि सांसद विजय हांसदा ने शिक्षा की अहमियत पर जोर दिया।

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उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षा और शिक्षक दोनों का सम्मान होना चाहिए। देश, दुनिया और समाज का विकास शिक्षा पर ही टिकी है। बिना शिक्षा के हम अपनी समाज के विकास की उम्मीद नहीं कर सकते। इसमें शिक्षकों की सबसे बड़ी भूमिका होती है। मैं तमाम शिक्षक समाज का धन्यवाद करता हूं। जिन्होंने एक बेहतर समाज के निर्माण में हमेशा अपनी भूमिका निभाते रहे हैं। शिक्षक चाहे किसी भी छोटे या बड़े जगहों पर हो, उनकी भूमिका हमेशा उतना ही महत्वपूर्ण होता है। मैं मानता हूं कि शिक्षा का भूख और सम्मान हमेशा होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के निजी मदरसा जैसे संस्थानों को चलाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इन्हें काफी कुछ चीजों की आवश्यकता होती है। फिर भी सालों से मदरसा का संचालन बेहतरीन तरीके से होता रहा है। इसके लिए मैं मदरसा से जुड़े तमाम लोगों का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से अपील करते हुए कहा कि आप उन्हें जरूर सुने, जिनके द्वारा ज्ञान की शिक्षा समाज तक पहुंचती है। इस अवसर पर समाजसेवी लुत्फल हक ने भी शिक्षा के अहमियत पर अपनी बातों को रखा। उन्होंने मदरसा में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मदरसा में काफी सारे गरीब परिवार के बच्चें शिक्षा हासिल कर रहे हैं। मुझे जानकर खुशी हुई कि इस मदरसे में सारे बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। इतना ही नहीं बच्चें यहां रहकर भी पढ़ाई कर रहे हैं। मैं मदरसा के संचालन में सहयोग के लिए तमाम ग्रामीणों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि यह जानकर भी खुशी हुई कि हमारी बच्चियां भी यहां शिक्षा हासिल कर रही है। मैं मदरसा के संचालन में हर संभव सहयोग करुंगा। इस मौके पर जेएमएम के पूर्व जिलाध्यक्ष व वरिष्ठ नेता श्याम यादव, मदरसा के सचिव मो. सफिकुल शेख, मौलाना हसरुद्दीन मदनी, मौलाना अताउर रहमान मदनी, मौलाना शमसुजहा मदनी, मौलाना अवेदुर रहमान, मिस्बाहुल आलम, मुख्तार हुसैन, अशराफुल शेख आदि मौजूद थे।

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