समाचार चक्र संवाददाता
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पाकुड़। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) न्यास परिषद की बैठक मंगलवार को समाहरणालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह न्यास परिषद के अध्यक्ष मनीष कुमार ने की। बैठक का शुभारंभ महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी, सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, पाकुड़ विधायक प्रतिनिधि सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। बैठक में विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती, प्रशासक, नगर परिषद अमरेंद्र कुमार चौधरी, पंचायतों के मुखिया, जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि पंचायतों के विकास में मुखियाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने अमड़ापाड़ा प्रभावित क्षेत्र में संथाली शिक्षकों की नियुक्ति, बेहतर मूलभूत सुविधाएं बहाल करने, हाई क्लस्टर शेड, गांवों में चबूतरा निर्माण, योजनाओं की स्वीकृति की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों के नियमित निरीक्षण का सुझाव दिया। विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि डीएमएफटी मद से जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं सड़क के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने सभी स्वीकृत योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने पर बल दिया। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतू डीएमएफटी मद से 14 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। जिससे जिले वासियों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों एवं पेयजल योजनाओं पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। कई विद्यालयों में बेंच-डेस्क उपलब्ध कराए गए हैं तथा आगामी दिनों में सभी विद्यालयों में यह सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही हाट-बाजारों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण भी किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि यह बैठक पंचायतों के समग्र विकास के उद्देश्य से आयोजित की गई है। सभी मुखिया अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों के लिए उपयुक्त योजनाओं का चयन करें, जिन्हें क्रमवार स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को कार्ययोजना के अनुरूप प्रशासनिक स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया, ताकि आमजनों को योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके। उपायुक्त ने बताया कि डीएमएफटी की राशि खनन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित पंचायत क्षेत्रों में ग्राम सभा के माध्यम से चयनित योजनाओं पर व्यय की जाएगी। योजना चयन के दौरान उच्च एवं निम्न प्राथमिकताओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। संपूर्ण जिले को प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में डीएमएफटी कोष की राशि का 70 प्रतिशत उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं—पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, स्वच्छता आदि पर तथा 30 प्रतिशत राशि निम्न प्राथमिकता वाली योजनाओं—सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई एवं अन्य आधारभूत संरचना विकास पर व्यय की जाएगी।
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