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अबुल काशिम@समाचार चक्र
पाकुड़। पाकुड़-बरहरवा रेल खंड के कुमारपुर फाटक के पास ट्रेन हादसे को अंजाम देने की नाकाम कोशिश के मामले में रेलवे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद से ही संलिप्त लोगों की तलाश में जुटी रेलवे पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस मामले में रेलवे पुलिस ने तिलभिठा स्टेशन के आस-पास के गांवों से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुमारपुर गांव के नजमी शेख, रानीपुर गांव के यार मोहम्मद शेख और संग्रामपुर गांव के राहुल शेख शामिल है। रेलवे पुलिस ने तीनों को जरूरी कागजी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि शनिवार की रात पटरी पर भारी भरकम लोहा रख देने की घटना में तीनों युवकों की संलिप्तता रही है। जिससे बड़ा ट्रेन हादसा हो सकता था। हालांकि इस मामले में और भी लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे पुलिस का मानना है कि तीन-चार और युवक इस मामले में शामिल है। जिसकी तलाश जारी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस जिन और युवाओं की तलाश कर रही है, वे सभी फरार चल रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार तीनों आरोपी मालगाड़ी से कोयला चोरी करने का भी काम करता रहा है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक पटरी पर लोहा रखने के मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों में से नजमी शेख की मुख्य भूमिका रही है। जिसे पुलिस ने सोमवार की देर शाम को ही कुमारपुर गांव के एक बागान से छापेमारी कर गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक रेलवे की पुलिस इस मामले को लेकर लगातार नजर बनाई हुई है और असामाजिक और आपराधिक किस्म के लोगों पर नजर रख रही है। बड़ी संख्या में रेलवे की पुलिस निगरानी कर रही है।
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क्या है मामला
शनिवार की देर रात रेलवे अधिकारियों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रात करीब 10:15 बजे के आसपास पाकुड़-बरहरवा रेलखंड पर कुमारपुर फाटक से थोड़ी दूर पोल संख्या 156/12 के पास पटरी पर भारी भरकम लोहे का टुकड़ा मिला। इसी पटरी से निर्धारित समय पर वनांचल एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की खुशकिस्मती कहें या एक मालगाड़ी के लोको पायलट की सूझबूझ कहें, एक बड़ा रेल हादसा टल गया। पाकुड़ स्टेशन पर निर्धारित समय 10:23 बजे पहुंचने वाली वनांचल एक्सप्रेस से ठीक पहले एक मालगाड़ी गुजर रही थी। इसी मालगाड़ी के लोको पायलट को पटरी पर भारी भरकम लोहा रखे होने की भनक लग गई। इसके बाद लोको पायलट ने रेलवे के अधिकारियों को जानकारी दी। अधिकारियों को जानकारी मिलते ही रेलवे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के निर्देश पर गुमानी रेलवे स्टेशन से उस समय खुल रही वनांचल एक्सप्रेस को बीच में ही रोक दिया गया। देर रात को ही रामपुरहाट एसी और रामपुरहाट एईएम की टीम स्थल पर पहुंच गई। अधिकारियों की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। पटरी से लोहे को हटाया गया और सबकुछ क्लियर होने के बाद ही वनांचल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई गई। बताया जाता है कि इस मामले की वजह से वनांचल एक्सप्रेस तकरीबन डेढ़ घंटे तक रुकी रही। अगले दिन सुबह वर्धमान से डॉग स्क्वॉड की टीम भी बुलाई गई। सीनियर डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर रघुवीर चोक्का भी पाकुड़ पहुंचे थे। इस मामले में पीडब्ल्यूआई उज्जवल कुमार के आवेदन पर रेलवे पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। इधर घटना के बाद से ही चर्चा है कि असामाजिक तत्वों के निशाने पर वनांचल एक्सप्रेस थी। असामाजिक तत्वों ने वनांचल एक्सप्रेस का हादसा कराकर लूटपाट की मंशा से पटरी पर लोहा रख दिया था। हालांकि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी रेलवे पुलिस ने घटना के पीछे असामाजिक तत्वों की असली मकसदों को स्पष्ट नहीं किया है।



