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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। फेस संस्था ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर जागरुकता रैली निकाली गई। रैली का नाम पावर ऑक फॉर लिबर्टी एंड जॉय दिया गया। जिसका उद्देश्य महिलाओं की स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मविश्वास का संदेश समाज तक पहुंचाना तथा महिलाओं के अधिकार और समान अवसर के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना था। रैली में मुख्य अतिथि के रूप में डीसी मनीष कुमार एवं फेस की सचिव रितु पांडेय शामिल हुए। रैली की शुरुआत पाकुड़ रेलवे स्टेशन के समीप स्थित वॉलीबॉल ग्राउंड से हुई। प्रतिभागी वहां से वीआईपी रोड होते हुए सिदो-कान्हू पार्क तक पहुंचे। जहां रैली का समापन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण के समर्थन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। रैली के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि महिलाओं की भागीदारी और सम्मान के बिना समावेशी विकास संभव नहीं है। डीसी मनीष कुमार ने महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मां पर लिखा अपना एक भावपूर्ण लेख सुनाया। उन्होंने कहा कि मां, तुम्हारे बारे में क्या लिखूं, मैंने पहली बार लिखना भी तुमसे ही सीखा है। उन्होंने आगे कहा कि जब एक महिला शिक्षित होती है और आगे बढ़ती है, तो उसके साथ तीन पीढ़ियां शिक्षित और सशक्त होती हैं। उनकी यह बात कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के दिल को छू गई और सभागार में उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर फेस की सचिव सचिव रितु पांडेय ने बताया कि संस्था पिछले लगभग 23 वर्षों से महिलाओं के सशक्तिकरण, उनकी आजीविका और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि फेस ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया है। क्योंकि समाज की वास्तविक शक्ति महिलाओं में ही निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्था आगे भी महिलाओं के अधिकार, सम्मान और अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। इस दौरान मिथिलेश सिन्हा, रतन सिंह, मेहबूब आलम, निकिता झा, देव ज्योति बनर्जी, शहादत हुसैन सहित फेस संस्था की शिक्षिकाएं तथा गांवों से आए लगभग दो सौ बच्चें मौजूद थे।
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