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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिमा पांडेय ने अपनी टीम के साथ गरीब परिवारों के बीच मना कर समाज में महिला सम्मान का संदेश दिया है। यूं तो महिला सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिमा पांडेय पर्व त्योहारों की खुशियां गरीब बस्तियों में रहने वाले परिवारों के साथ बांटती रही है। इसके पीछे सिर्फ और सिर्फ पर्व त्यौहारों की खुशी में गरीबों को भी शामिल करना मकसद रहा है। उन्होंने महिला दिवस को भी गरीब परिवारों के साथ मना कर अपने मकसद को जारी रखा। इस दौरान प्रतिमा पांडेय के साथ ममता जैन, सोनी चंद्रा, सुषमा, मोनिका, श्वेता भगत, प्रीति और रूपम भी शामिल थी। प्रतिमा पांडेय की टीम ने महिलाओं को साड़ी, सूट और बच्चों को कपड़ों के साथ-साथ मिठाई के पैकेट, बिस्कुट और चॉकलेट का भी वितरण किया। जिससे उन महिलाओं और बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस दौरान सभी ने प्रतिमा पांडेय और उसकी टीम का आभार जताया। प्रतिमा पांडेय और उनकी टीम ने गांव की महिलाओं को महिला दिवस की जानकारी दी। उन्होंने महिला दिवस के मनाने के उद्देश्य के बारे में बताया। महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दी। प्रतिमा पांडेय ने कहा कि हर साल आज के दिन महिला दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है। इसके पीछे महिला सशक्तिकरण मुख्य उद्देश्य रहता है। महिलाओं को समान अधिकारों के प्रति जागरूक करने और महिलाओं के सम्मान की बातें दोहराई जाती है। प्रतिमा पांडेय ने कहा कि एक महिला होने के नाते हमारी भी जिम्मेवारी बनती है कि महिलाओं के बीच जाकर उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक करें। इसलिए आज आप लोगों के बीच मैं और मेरी टीम आई है। आप अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहे। अगर कोई आपके अधिकारों का हनन करती है, तो इसके लिए आवाज उठाएं। अपने अधिकार और सम्मान के लिए महिलाएं आवाज उठाना सीखें।
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