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राधेश्याम रविदास@ समाचार चक्र
हिरणपुर। कुरमी, कुड़मी और महतो समुदाय को आदिवासी समुदाय में शामिल करने और आदिवासी समाज के आरक्षण तथा जल जंगल को हथियाने के विरोध में आदिवासी अधिकार रक्षा मंच’ के बैनर तले गुरुवार को हिरणपुर हाई स्कूल के निकट योग मंच परिसर से मंच के अध्यक्ष रसका हेंब्रम के नेतृत्व में एक दिवसीय आदिवासी आक्रोश महारैली निकाली गई। रैली हिरणपुर बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर फुटबॉल मैदान में समाप्त हुआ। इस दौरान रैली में शामिल लोगों ने अपने अधिकारों को लेकर जमकर नारेबाजी की। मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आदिवासी अधिकार रक्षा मंच के अध्यक्ष रसका हेंब्रम ने कहा कि झारखंड में आदिवासी समुदाय ने जल, जंगल और जमीन की लड़ाई वर्षों तक लड़ी और इस राज्य को अलग करवाया। लेकिन, वर्तमान में आदिवासियों के अधिकारों को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कुरमी, कुड़मी और महतो समुदाय को आदिवासी समुदाय में शामिल करने की साजिश का आरोप लगाते हुए इसका विरोध किया। वहीं आदिवासी नेता निर्मल मुर्मू ने कहा कि काफी संघर्ष के बाद अलग राज्य मिला है। लेकिन अब आदिवासी समुदाय के अधिकारों में लगातार कटौती करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने महतो समेत अन्य जातियों को आदिवासी में शामिल किए जाने के विरोध में लगातार आंदोलन चलाने की बात कही और चेतावनी दिया कि यदि ऐसा होता है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा राज्य के विकास के पक्षधर रहे हैं और किसी जाति या समुदाय का विरोध नहीं करते हैं। हालांकि, जब उनके अधिकारों पर डाका डालने का प्रयास किया जाता है, तो वे जोरदार आवाज उठाते हैं। उन्होंने कहा कि वे विकास के नाम पर आदिवासियों को छलने का विरोध करते हैं और उनके अधिकारों को छीनने के प्रयासों की निंदा करते हैं। रैली में काफी संख्या में सुरक्षा को लेकर पुलिस पदाधिकारी व पुलिस बल तैनात थे। रैली को सफल बनाने में राजेश हेंब्रम, रौशन सोरेन, राखी हांसदा, किस्टु सोरेन, राजू सोरेन, मंगल टुडू, शिला किस्कू सहित दर्जनों आदिवासी समाज के लोग शामिल थे।


