समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। जिले का अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र इन दिनों बालू तस्करी का सेफ जोन बन गया है। इस इलाके में बालू माफिया काफी सक्रिय हैं। इसमें संलिप्त माफियाओं पर पुलिस का लगाम नहीं दिख रहा है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अमड़ापाड़ा पुलिस का बालू माफियाओं को मौन सहमति प्राप्त है। इसी वजह से बालू माफिया बेफिक्र होकर बंगाल और बिहार में बालू की तस्करी कर रहे हैं। पुलिस का जरा भी डर बालू माफियाओं को नहीं है। सूत्रों का कहना है कि अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत आलूबेड़ा पंचायत के आमझारी बांसलोई नदी घाट से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू बंगाल और बिहार भेजे जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि बालू का अवैध खनन कर नदी घाट के इर्द-गिर्द आमझारी कोलटोला के पास एकत्रित किया जाता है। बालू माफिया सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक बालू का अवैध खनन करते हैं। शाम ढलते ही ट्रैकों में जेसीबी से लोड कर बिहार बंगाल आदि जगहों पर सप्लाई करते हैं। बालू सप्लाई का काम रात के 12:00 बजे तक होती है। जिसमें साहिबगंज के आसपास के ट्रैकों को बुलाकर लोड कर कोयला रोड होते हुए साहिबगंज गोविंदपुर मुख्य रोड में लाकर लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र होते हुए साहिबगंज सप्लाई किया जाता है। सूत्र यह भी बताते हैं कि बालू माफियाओं के द्वारा बालू पासिंग के नाम पर एवं अधिकारियों को मैनेज के नाम पर 30,000 प्रति ट्रक एवं बालू का दाम 25000 प्रति ट्रक लिया जाता है। सूत्रों का दावा है कि माफियाओं के द्वारा सभी ट्रैकों को गाइड कर पासिंग करते हैं। जहां प्रतिदिन लाखों रुपए बालू राजस्व की चोरी किया जाता है। वहीं सूत्रों का कहना है कि खनन विभाग के अधिकारियों की मौन सहमति भी बालू माफियाओं को मिला हुआ है, जो जांच का विषय है। आमझारी जंगली एवं कोयला खनन क्षेत्र होने के कारण लोगों का आवागमन काफी कम होता है। इसी का फायदा उठाकर बालू माफिया अवैध कारोबार को अंजाम देते हैं।इधर इस मामले में अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी अनूप रौशन भेंगरा से पूछने पर बताया मुझे जानकारी नहीं है.जाँच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.