समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक किराना दुकान से शुक्रवार को बोतलबंद पानी पीने से तीन लोग बीमार हो गए। पानी पीने के बाद सिरदर्द, कमजोरी और उल्टी से तीनों की हालत बिगड़ती चली गई। तीनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज शुरू होने के घंटों बाद धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार आया। इलाज के बाद डॉक्टर ने तीनों की स्थिति पहले से बेहतर बताया। पानी पीने से बीमार पढ़ने वालों में स्टेशन रोड के ही चंदन प्रसाद, मारवाड़ी धर्मशाला के पीछे के रहने वाले प्रदीप साव एवं साहिबगंज जिले के धमधमिया के रहने वाले श्रीकांत ठाकुर शामिल है। अस्पताल में भर्ती प्रदीप साव ने बताया कि किराना दुकान से बोतलबंद पानी खरीद कर पिए। पानी पीते ही कमजोरी लगने लगा और उल्टी होने लगी। सिरदर्द और हाथ में भारीपन लगने लगा। ऐसा लग रहा था जैसे हाथ में जान नहीं है। वहीं चंदन प्रसाद ने बताया कि पानी पीते वक्त कुछ नहीं लगा। लेकिन पीने के बाद तबीयत बिगड़ने लगी। लग रहा था कि अब नहीं बचेंगे। पानी पीने से उल्टियां और सिरदर्द शुरू हो गया। श्रीकांत ठाकुर ने कहा कि पानी पीते वक्त महक रहा था। फिर भी जब पानी पी लिए तो माथा दर्द शुरू हो गया और उल्टियां भी होने लगी।

पुलिस व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दुकान पहुंचे
इधर मामले की जानकारी मिलते ही नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी धनश्याम हेंब्रम भी पहुंचे। किराना दुकान में रखें पानी के बोतलों की जांच की। दुकानदार से पानी की बोतलें कहां से सप्लाई होती है और डिस्ट्रीब्यूटर कौन है, आदि की जानकारी ली। इस दौरान पता चला कि मोनेको नाम की पानी की बोतलें बंगाल से लाकर डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है। जिसे पीने से तीन लोग बीमार पड़ गए। इस दौरान दो लीटर की तीन और एक लीटर की सात कुल 13 बोतलों को जप्त किया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा
इस दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी धनश्याम हेंब्रम ने कहा कि पानी में महकता कुछ मैटेरियल्स मिले हैं। पानी के कुछ सैंपल लिए गए है। जिसकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पानी की बोतलें बंगाल में बने हैं। इसका डिस्ट्रीब्यूटर कौन है, इसका पता लगाकर पूछताछ किया जाएगा। लाइसेंस को लेकर भी पड़ताल करेंगे।
डॉक्टर ने कहा
तीनों बीमार व्यक्ति का इलाज कर रहे डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि तीन मरीज आए हैं, जो बोतलबंद पानी पीने से बीमार हो गए थे। तीनों की हालत काफी गंभीर थी। धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और अभी स्थिति पहले से बेहतर है। मरीजों की निगरानी खुद कर रहे हैं।
