सदर अस्पताल में तोड़फोड़, शीशा से कटकर कई उपद्रवी घायल, केस दर्ज की तैयारी

डॉक्टर और कर्मियों ने कमरों में छिपकर बचाई जान,उपद्रवियों ने आधे घंटे तक मचाया बवाल

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मकसूद आलम/अबुल क़ासिम@समाचार चक्र

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पाकुड़। सदर अस्पताल में गुरुवार को प्रसूति की मौत पर सड़क जाम के बीच देर शाम उपद्रवियों की झुंड ने अचानक ही हमला कर दिया। उपद्रवियों ने अस्पताल में जमकर बवाल काटा और तोड़फोड़ की। सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर शीशे के दरवाजे को तोड़ दिया। इसके बाद स्पेशल रुम सहित अन्य जगहों पर भी जमकर तोड़फोड़ की। पूरे सदर अस्पताल में नीचे से ऊपर तक घूम-घूम कर तकरीबन आधे घंटे तक बवाल मचाया। जिससे अस्पताल में उस वक्त मौजूद तमाम डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी खौफ में आ गए। अस्पताल में अलग-अलग कमरों में छिपकर डॉक्टर और कर्मियों ने जान बचाई। आलम यह था कि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को भेजना पड़ा। इस दौरान तोड़फोड़ करते लगभग आधे दर्जन उपद्रवी शीशे से कट कर घायल हो गए। पुलिस के पहुंचने के बाद उपद्रवी वहां से भागे, तब जाकर मामला शांत हुआ। हालांकि घायल उपद्रवियों का ईलाज अस्पताल में ही किया गया। इनमें सलाम मोमीन (पिता- रहमोतुल्ला मोमीन) नामक घायल की स्थिति ज्यादा खराब थी। बताया गया कि तोड़फोड़ के दौरान उसका हाथ शीशे से कट गया था। जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया था। असलाम मोमीन पास के ही सोलागड़िया गांव का रहने वाला बताया गया।

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क्या है मामला

सदर अस्पताल में हिरणपुर प्रखंड के बड़तल्ला गांव की एक गर्भवती (हलीमा बीवी) को प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती कराया गया था। महिला का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया और बच्चे को जन्म दिया। अचानक ही गुरुवार को महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। महिला की मौत को लेकर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया। परिजनों ने डॉक्टर और कर्मियों पर नाराजगी जताई। इस मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण अस्पताल में पहुंचने लगे। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा होने लगी और हंगामा शुरू हो गया। लोगों ने अस्पताल के सामने हिरणपुर-पाकुड़ मुख्य सड़क को जाम कर दिया। जिसमें स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ हिरणपुर के लोग भी शामिल थे। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ मनीष कुमार सिन्हा जाम स्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने लगे। लेकिन वे जाम को हटाने या लोगों को समझाने में नाकाम रहे। इसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया। फिर भी सड़क जाम कर रहे लोग नहीं माने। यह सब शाम करीब 5:30 के आसपास हो रहा था। इसी बीच देर शाम करीब 6:45 बजे जाम स्थल से उठकर काफी संख्या में लोग अस्पताल घुस गए और मुख्य गेट के पास तोड़फोड़ शुरू कर दिया। अस्पताल में उस दौरान मौजूद उपाधीक्षक डॉ मनीष कुमार सिन्हा ने डीसी मृत्युंजय कुमार बर्णवाल एवं एसपी प्रभात कुमार को सूचना दी। इसके बाद काफी संख्या में पुलिस बल अस्पताल पहुंची और भीड़ को तितर-बितर किया। हालांकि तब तक उपद्रवियों का झुंड अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर स्पेशल रूम और कई जगहों पर तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचा चुका था।

केस दर्ज की चल रही तैयारी

सदर अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद केस दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन उपद्रवियों की पहचान में जुट गई है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। तोड़फोड़ के दौरान मिले वीडियो से भी पहचान जुटाई जा रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन को मिले जाम स्थल के वीडियो से भी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

डीएस ने कहा

सदर अस्पताल के डीएस (उपाधीक्षक) डॉ मनीष कुमार सिन्हा ने कहा कि अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान जुटाई जा रही है। इनमें कुछ का नाम सामने आया हैं। तोड़फोड़ की घटना को अंजाम देने वाले अन्य लोगों की भी पहचान जुटाई जा रही है। अस्पताल को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध थाना में प्राथमिकी के लिए शिकायत किया जाएगा।

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