Homeपाकुड़मलेरिया मामले में प्रशासन गंभीर, डॉक्टरों की टीम कर रही कैंप- उपायुक्त
Maqsood Alam
(News Head)

मलेरिया मामले में प्रशासन गंभीर, डॉक्टरों की टीम कर रही कैंप- उपायुक्त

पहाड़िया गांवों में बनेगी सड़कें, ग्रामीणों को होगी सहूलियत

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Gunjan Saha
(Desk Head)

अबुल काशिम की रिपोर्ट

पाकुड़। लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बड़ा कुटलो गांव में मलेरिया से पांच बच्चों की मौत मामले में उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने कहा कि मामले में प्रशासन गंभीर है। मलेरिया नियंत्रण के लिए हर तरह का प्रयास किया जा रहा हैं। उपायुक्त ने कहा कि सिविल सर्जन डॉ. मंटू कुमार टेकरीवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है। प्रभावित गांवों में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ा कूटलो गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सर्वे किया गया। सिर्फ बड़ा कूटलो ही नहीं, आसपास के गांवों में भी सर्वे किया गया है। इस दौरान पाए गए पॉजिटिव मरीजों का जांच कर इलाज भी किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि सभी पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। अभी सारे पॉजिटिव मरीज स्वास्थ्य हैं। उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने कहा कि गांवों में ग्रामीणों को जागरूक करने का भी काम किया जा रहा है। मलेरिया के फैलने या ग्रसित होने के कारण और बचाव के बारे में बताया जा रहा है। लोगों को साफ-सफाई और रहन-सहन के लिए जागरूक किया जा रहा है। प्रचार प्रसार का भी काम हो रहा है। प्रचार प्रसार के माध्यम से बताया जा रहा है कि मलेरिया का इलाज की निःशुल्क व्यवस्था है। अगर किसी को बुखार की समस्या है, तो तुरंत जांच कराएं और निःशुल्क इलाज का लाभ लें। उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने कहा कि पॉजिटिव मरीज के मन में जो डर का माहौल बना हुआ था, उसे दूर करने का काम भी किया जा रहा है। उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने कहा कि मलेरिया पर नियंत्रण के लिए सबसे पहले मच्छरों के पनपने पर अंकुश लगाने की दिशा में काम चल रहा है। इसके लिए जल जमाव को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा जलाशयों में केमिकल से पानी को साफ करने का काम हो रहा है। ताकि मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लावा को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गांव में स्प्रे या छिड़काव का काम भी चल रहा है। इसके लिए 40 से 45 दिन का वक्त लगेगा। गांवों में छिड़काव हो जाने से मच्छरों के प्रकोप पर अंकुश लगेगा। इससे मलेरिया पर भी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि पहाड़िया गांव में संपर्क पथ का अभाव है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें होती है। इसका कहीं ना कहीं इलाज में भी असर पड़ सकता है। इसलिए उन गांवों का सर्वे कराया गया है। जिन गांवों का संपर्क पथ नहीं है, वहां सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग को दिशा निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि लोगों में मलेरिया के फैलने के कारण और बचाव की जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसलिए आम जनों से अपील है कि एक दूसरे से जानकारी साझा करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर मलेरिया के कारणों और बचाव की जानकारी लेकर आसपास के लोगों को भी जानकारी दें। मलेरिया या मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए एक दूसरे का सहयोग बेहद जरूरी है।

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