समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़ । अमड़ापाड़ा के रांगाटोला में डीबीएल कंपनी के कोयला परिवहन में लगी डंपर के चपेट में आकर दलित धनवा तूरी की मौत मामले में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने छुआछूत और भेदभाव का आरोप लगाया है।
जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने कहा है कि दुर्घटना में बुरी तरह घायल धनवा तूरी की जान बच सकती थी, अगर डीबीएल कंपनी के द्वारा समय पर इलाज की व्यवस्था की जाती। लेकिन कंपनी ने एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं कराई। जिससे खून से लथपथ धनवा तूरी ने दर्द से तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया।
जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने कहा है कि धनवा की मौत का कारण छुआछूत और भेदभाव है। इसलिए ना उसे कोई सुविधा मिली और ना ही पीड़ित परिजनों को मुआवजा मिला। यहां तक की स्थानीय विधायक और सांसद या कोई भी बड़े राजनीतिक दल के नेता सुध लेने भी नहीं पहुंचे। यह भी कहा कि दलित से इतनी ईर्ष्या कि 36 घंटे बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो पाया।
कहा कि बीजीआर कोयला कंपनी और डीबीएल कोयला कंपनी कोयला उत्खनन कर डंपर के माध्यम से ओवरलोड कोयला बाहर भेजकर करोड़ों मुनाफा कमा रही है। लेकिन यहां के बेरोजगारों को रोजगार नहीं दे पाया। यहां हॉस्पिटल की सुविधा भी नहीं दी गई। घायलों के इलाज के लिए एक एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग दिल्ली, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रपति से शिकायत की जाएगी।