समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, झारखंड सरकार की अधिसूचना संसूचित के द्वारा दिए गए निर्देश एवं उक्त अधिसूचना के द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक प्रमंडलीय आयुक्त, संथाल परगना प्रमंडल दुमका की अध्यक्षता में आयुक्त के सभागार कक्ष में हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में संथाल सिविल रूल्स एवं संथाल परगना न्याय विनियमन 1893 के प्रावधानों को वर्तमान परिपेक्ष में संथाल परगना में प्रचलित पारम्परिक एवं कानूनी न्याय प्रक्रिया पर विचार विमर्श किया गया। संथाल क्षेत्र में जनजातीय समिति के लिए न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता एवं व्यावहारिकता को ध्यान में रखकर संथाल सिविल कोर्ट एवं लोकल ट्रैवल काउंसिल के बीच समन्वय स्थापित करने के बिंदु पर विचार विमर्श किया गया। संथाल परगना न्याय प्रणाली में विधिक संशोधनों की संभावना एवं संथाल परगना के प्रासंगिक कानूनी मुद्दों पर राज्य सरकार के नीतिगत निर्णयों पर परिचर्चा की गई। बैठक में उपस्थित अपर समाहर्ता के द्वारा उपरोक्त बिंदुओं पर अपना-अपना सुझाव दिया गया। बैठक में उपस्थित मांझी, परगैनत एवं समाज के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा भी अपनी-अपनी राय दी गई। सभी लोगों से विचार विमर्श एवं परामर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी जिलों के उपायुक्त अपने-अपने जिलों में 10 अप्रैल 2025 तक अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, जानकार मांझी व ग्राम प्रधान, सरकारी अधिवक्ता एवं समाज के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठक आयोजित करेंगे एवं उनकी राय या सुझाव प्राप्त कर बिंदुवार प्रतिवेदन प्रमंडलीय आयुक्त को समर्पित करेंगे। प्राप्त सुझाव प्रतिवेदनों की प्रमंडल स्तर पर समीक्षा की जाएगी। तदोपरांत राज्य सरकार के नीतिगत निर्णय हेतु समेकित प्रतिवेदन सरकार को भेजा जाएगा। बैठक समाप्ति के उपरांत पाकुड़ जिला के अपर समाहर्ता एवं अनुमंडल पदाधिकारी की उपस्थिति में प्रमंडल आयुक्त के कर कमलों के द्वारा प्रेम प्रकाश हेंब्रम, पिता स्वर्गीय पाइसिल हेंब्रम, ग्राम पचुवाड़ा, अंचल अमड़ापाड़ा, जिला पाकुड़ को अमड़ापाड़ा अंचल के आलूबेड़ा बंगला के लिए परगैनत पद का नियुक्ति पत्र दिया गया। बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त, संथाल परगना प्रमंडल, दुमका लालचंद डाडेल के अलावा संथाल परगना प्रमंडल के सभी अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़, सरकारी अधिवक्ता, दुमका जिला, ग्राम प्रधान, परगैनत, समाज के प्रबुद्ध एवं विज्ञ नागरिक उपस्थित थे।