समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़ । नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 19 अंतर्गत कालिकापुर में पाइपलाइन के निरीक्षण के नाम पर लोगों को दिग्भ्रमित किया जा रहा है। निवर्तमान अध्यक्ष जिस पाइपलाइन की मरम्मत का श्रेय ले रही है, उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।
उक्त बातें नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष अर्धेंदु शेखर गांगुली ने कही है। उन्होंने कहा कि साल 2008 में जब मैं उपाध्यक्ष था, उसी दौरान यहां बोरिंग हुआ था। नगर परिषद से बोरिंग कराई गई थी। उस वक्त मंत्री आलमगीर आलम स्पीकर के पद पर आसीन थे। मंत्री आलमगीर आलम के कार्यकाल में उनके फंड से पाइपलाइन बिछाई गई थी। यहां बोरिंग और पाइपलाइन का काम 2008 में नगर परिषद और विधायक निधि से संयुक्त रुप से संपन्न हुआ था। इधर हाल में पाइप लाइन में खराबी की वजह से पानी की सप्लाई बंद हो गई थी। मंत्री आलमगीर आलम को इसकी सूचना दी गई। मंत्री ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कौसलेश यादव को निर्देश देकर अभिलंब ठीक कराने को कहा था। मंत्री के निर्देश के बाद ही पाइपलाइन की मरम्मत कराकर पानी की सप्लाई शुरू कराया गया।
उन्होंने कहा कि मंत्री आलमगीर आलम ने सख्त निर्देश दिया था कि किसी भी हालत में पानी की सप्लाई शुरू होनी चाहिए। इसमें निवर्तमान अध्यक्ष का कोई रोल नहीं है। सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से निरीक्षण का रूप दिया गया। यह सब दिखावा के सिवा कुछ भी नहीं है। लोगों को भ्रमित ना करें। अगर निवर्तमान अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल में विकास का काम किया है और लोगों को संतुष्ट कर पाई है तो निश्चित रूप से लोगों का समर्थन मिलेगा। अगर लोगों को संतुष्ट नहीं कर पाई है तो चुनाव में परिणाम भुगतना पड़ेगा। नगर परिषद के पांच साल के कार्यकाल में जो कुछ भी हुआ है, किसी से छुपा नहीं है। पांच साल में शहरवासियों की याद नहीं आई। आज कार्यकाल खत्म होने के बाद राजनीतिक फायदे के लिए लोगों के बीच आ रही है। लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि शहरवासियों को मूर्ख बनाना आसान नहीं है। आने वाले समय का इंतजार करें, परिणाम खुद-ब-खुद सामने आ जाएगा।