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Maqsood Alam
(News Head)

पूर्व झामुमो प्रवक्ता ने सीएम से की मुलाकात, शिक्षा, स्वास्थ्य व पानी की समस्याओं से कराया अवगत

शहरी जलापूर्ति योजना को पूरा करने, चिकित्सकों की कमी को दूर करने और उर्दू विद्यालयों के पुनः संचालन की रखी मांग

Gunjan Saha
(Desk Head)

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समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़ झामुमो के पूर्व केंद्रीय समिति सदस्य एवं पूर्व जिला प्रवक्ता शाहिद इकबाल ने रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर स्थानीय ज्वलंत मुद्दों या समस्याओं को रखा।

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मुख्यमंत्री को आवेदन देकर समस्याओं के अविलंब समाधान की मांग भी की। जिन मांगों को रखा गया है उनमें 13 साल से अधर में लटका शहरी जलापूर्ति योजना, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों की कमी तथा उर्दू स्कूलों का पुनः संचालन की मांगें शामिल हैं।

पूर्व जिला प्रवक्ता शाहिद इकबाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मांगो को पूरा करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अवगत कराया है कि पिछले 13 साल से शहरी जलापूर्ति योजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। पश्चिम बंगाल के फरक्का से गुजरने वाली गंगा नदी का पानी पाइप लाइन के जरिए शहर में आपूर्ति का सपना 13 साल में भी पूरा नहीं हुआ। शहरवासियों के समक्ष पानी की विकराल समस्या उत्पन्न हो गई है। इसे अविलंब पूरा करने की जरूरत है। पीएचडी विभाग पर सुस्ती का भी आरोप लगाया है। अस्पतालों में चिकित्सक एवं कर्मियों की कमी को लेकर सीएम को अवगत कराया है कि चिकित्सकों की 99 स्वीकृत पदों के विरुद्ध महज 26 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भी घोर कमी है। जिले में महिला या चाइल्ड स्पेशलिस्ट चिकित्सक नहीं है। जिससे महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए बंगाल जाना पड़ता है। इससे ना सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

इसी तरह शहर स्थित अस्पताल में भी चिकित्सक और कर्मियों की कमी है। अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी में जांच विशेषज्ञ की भी घोर कमी है। इसके अलावा उर्दू स्कूलों का पुनः संचालन की भी मांग की गई है। मुख्यमंत्री से अवगत कराया गया है कि पूर्व के सरकार ने शहर के गांधी चौक स्थित उर्दू मध्य विद्यालय एवं अन्य विद्यालयों का पास के विद्यालयों में मर्ज कर दिया गया था। जिससे बच्चों को उर्दू की शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। उर्दू विद्यालयों का पुनः संचालन की सख्त जरूरत है। जिले के सभी उर्दू विद्यालयों का संचालन शुरू करने के साथ ही उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति भी होनी चाहिए। पूर्व जिला प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जिले की इन ज्वलंत समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और समाधान का भरोसा दिया है। उम्मीद है जल्द ही सकारात्मक परिणाम आएगा।

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