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Maqsood Alam
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पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के पूरे हो रहे अधूरे सपने, गोपीनाथपुर में सवा दो करोड़ के पुल निर्माण का कार्य शुरू

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Gunjan Saha
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समाचार चक्र संवाददाता

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पाकुड़। झारखंड को पश्चिम बंगाल से जोड़कर पाकुड़ के लोगों के लिए रोजगार के अवसर को और ज्यादा बढ़ाने और स्थानीय लोगों के लिए यातायात में सहूलियत के उद्देश्य से गोपीनाथपुर गांव में मसना नदी पर पुल निर्माण का पूर्व मंत्री आलमगीर आलम का सपना पूरा होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार गोपीनाथपुर गांव में मसना नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना मद अंतर्गत ग्रामीण कार्य विभाग विशेष प्रमंडल से 226.814 लाख की लागत से बनने वाली पुल निर्माण का कार्य शुरू होने से गोपीनाथपुर और आसपास के गांवों के ग्रामीणों में खुशी देखी जा रही है। सदर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय गोपीनाथपुर गांव में पुल निर्माण का कार्य सप्ताह भर पहले ही शुरू हुआ है। तेजी से कार्य आगे भी बढ़ रहा है। अगले साल बरसात के पहले निर्माण कार्य पूरे होने की उम्मीद है। यहां लंबे समय से पुल निर्माण की मांग उठ रही थी। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम जब कभी भी क्षेत्र भ्रमण में जाते, ग्रामीण उनसे पुल निर्माण की मांग करते। पूर्व मंत्री ने ग्रामीणों की जायज मांग को देखते हुए प्रयास शुरू किया। आखिरकार उनका प्रयास रंग लाया। उच्च स्तरीय पुल निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। बता दें कि गोपीनाथपुर गांव पश्चिम बंगाल के सीमा से सटा हुआ है और बीच में एक नदी गुजरी है। यह मसना नदी दोनों राज्यों के बीच लोगों के आवागमन में बाधक बनी हुई है। पाकुड़ के हजारों स्थानीय लोग जहां पश्चिम बंगाल से विभिन्न छोटे-बड़े व्यवसाय से जुड़े हैं। दूसरी ओर पाकुड़ के सैंकड़ों किसान खेती-बाड़ी के लिए बंगाल पर निर्भर है। गोपीनाथपुर के अलावा आसपास के कई गांव के लोगों की नदी पार बंगाल में खेत भी है। किसान अपने खेतों में अनाज उगाकार परिवार चलाते हैं। लेकिन बीच में नदी होने की वजह से व्यवसाई वर्ग और किसान अपने जरूरत और समय के मुताबिक इस पार से उस पार आना-जाना नहीं कर पा रहे थे। जिससे उन्हें दूसरे रास्ते से आना-जाना करना पड़ता था। इससे उनके समय की बर्बादी होती थी। अधिक दूरी तय कर बंगाल जाना पड़ता था। इसलिए गोपीनाथपुर के ग्रामीण और आसपास के क्षेत्र के लोग भी पुल निर्माण की लगातार मांग कर रहे थे। इस पुल के निर्माण हो जाने से लोगों को यातायात में काफी ज्यादा सहूलियत होगी। यह पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की भी ख्वाहिश थी। अपने भाषणों में भी वे बार-बार इस बात का जिक्र करते थे। इधर पुल निर्माण का कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी है। पाकुड़ सदर के ग्रामीण क्षेत्र के लोग पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं। यह बताना भी जरूरी होगा कि आलमगीर आलम के इस अधूरे सपने को पूरा करने में वर्तमान पाकुड़ विधायक निसात आलम और कांग्रेस प्रदेश महासचिव तनवीर आलम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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