समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। शहर स्थित मुख्य डाकघर परिसर में रविवार को ग्रामीण डाक सेवकों की महासम्मेलन का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले आयोजित महासम्मेलन में ग्रामीण डाक सेवकों ने केंद्र सरकार पर दोहरी नीति का आरोप लगाया। केंद्र सरकार से उन सभी सुविधाओं की मांग की गई, जो केंद्रीय कर्मियों को दिया जाता है। अन्यथा ग्रामीण डाक सेवकों ने एकजुट होकर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दे डाली। आयोजित सम्मेलन में मुख्य रूप से संघ के झारखंड प्रदेश महासचिव जागेश्वर साहू, उपाध्यक्ष प्रेम एक्का, सक्रिय सदस्य महेश सिंह, संथाल परगना सचिव माइकल मरांडी शामिल हुए। प्रदेश महासचिव जागेश्वर साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण डाक सेवकों के साथ दोहरी नीति के तहत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डाक सेवकों की नौकरी 65 साल की है। फिर भी डाक सेवकों को केंद्रीय कर्मी का दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्रीय कर्मियों को वेतन का आधा हिस्सा पेंशन के रूप में दिया जाता है। इसके साथ-साथ 20 लाख की ग्रेच्युटी भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों को पेंशन का भी लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा ग्रेच्युटी का भी समुचित लाभ नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी के नाम पर सिर्फ डेढ़ लाख रुपये दिया जाता है। एक तरफ 5 घंटे के काम के नाम पर 24 घंटे काम लिया जा रहा है। दूसरी तरफ ना ही केंद्रीय कर्मी का दर्जा दिया जा रहा है और ना ही केंद्रीय कर्मी का लाभ ही मिल रहा है। प्रदेश महासचिव ने कहा कि केंद्र सरकार से हम उन सारी सुविधाओं की मांग करते हैं, जो केंद्रीय कर्मियों को दिया जाता है। केंद्र सरकार ग्रामीण डाक सेवकों को जल्द केंद्रीय कर्मी का दर्जा दें और सारी सुविधाओं की घोषणा करें। अन्यथा ग्रामीण डाक सेवक चरणबद्ध आंदोलन करेगी। केंद्र सरकार अगर हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो सारे डाक सेवक एकजुट होकर आंदोलन का निर्णय लेंगे। इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। आयोजित महासम्मेलन में संघ के जिला अध्यक्ष अनारूल हक, सहायक सचिव सुरेंद्र यादव, अनवर हुसैन आदि मौजूद थे।