समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। पाकुड़ विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी मुकेश कुमार शुक्ला ने कहा कि हिंदू सनातनियों की सुरक्षा, उनकी आवाज और मुद्दों को उठाने के लिए चुनाव मैदान में उतरा हूं। मेरे चुनाव लड़ने को लेकर जो लोग अफवाह फैला रहे हैं, वो कान खोलकर सुन ले, मुझे बैठाने या खरीदने की ताकत किसी में भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकुड़ विधानसभा सीट से 11 प्रत्याशी अल्पसंख्यक समाज से हैं। अगर कल दिन आपस में किसी तरह की बात हुई, तो हिंदू समाज के लिए कौन आवाज उठाएगा। हिंदू समाज के मुद्दों को कौन उठाएगा। आजसू पार्टी प्रत्याशी जो भाजपा के गठबंधन में है, वो कह रहे हैं कि मैं जीतूंगा तो बांग्लादेशियों को बसाऊंगा। मुकेश कुमार शुक्ला ने कहा कि पाकुड़ विधानसभा का विकास बड़ा मुद्दा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, सड़क हर मामले में पिछड़ा हुआ है।आलमगीर आलम जेल में है, अकिल अख्तर गरीबों के नाम पर विदेशी फंड लाकर अपना जेब भरते हैं। आखिर पाकुड़ का विकास कैसे होगा। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का आवाज कौन उठाएगा। यही सोच कर मैं जनता के बीच आया हूं। मैं हिंदू समाज के लिए खंबे की तरह खड़ा रहूंगा। मुकेश कुमार शुक्ला गुरुवार को शहरकोल स्थित अपने आवास में प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया कर्मियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं जनता के बीच विकास के मुद्दे को लेकर जा रहा हूं। मुझे जनता का काफी अच्छा समर्थन मिल रहा है। मुझे पाकुड़ की जनता ने जो प्यार दिया है, मैं उसके लिए जनता का शुक्रगुजार हूं। पाकुड़ की जनता ने मुझे जिला परिषद सदस्य और जिला परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में पांच साल सेवा करने का मौका दिया था। मुझे अपने सेवाकाल के दौरान पाकुड़ की जनता का बहुत प्यार मिला। जिसके लिए जनता का मैं आभारी हूं। पाकुड़ के विकास के लिए दिन-रात काम करूंगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि जनता का आशीर्वाद और प्यार मिलेगा। मैं विधायक बना तो बांग्लादेशी घुसपैठियों को सुरक्षा देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराउंगा। पाकुड़ के युवाओं और मजदूरों को रोजगार दिलाना मेरी प्राथमिकता होगी। पाकुड़ में दो बड़े-बड़े कोल माइंस चल रहे हैं। उनमें 80 फीसदी स्थानीय युवाओं और मजदूरों को काम दिलाऊंगा। ताकि पाकुड़ के युवा और मजदूरों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। मुकेश कुमार शुक्ला ने कहा कि अवैध खदानों के खिलाफ भी कार्रवाई कराना मेरी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि पाकुड़ का सर्वांगीण विकास पर मेरा जोर रहेगा। पाकुड़ की जनता को यहां के जनप्रतिनिधियों ने छलने का काम किया है। आलमगीर आलम हो या फिर अकिल अख्तर, सभी ने अपना वोट बैंक को बरगलाकर सिर्फ चुनाव जीतने का काम किया है। मैं जिला परिषद सदस्य के रूप में आलमगीर आलम के क्षेत्र से भी जीतकर आया हूं। मैंने गांव की हालत को बहुत करीब से देखा है। शिक्षा की स्थिति दयनीय है। पाकुड़ में सड़क से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था, बिजली आपूर्ति बदहाल है। मैं सभी वर्गों और समाज को साथ लेकर चलते हुए इन मूलभूत आवश्यकताओं को मजबूत बनाऊंगा। उन्होंने कहा कि आज भी पाकुड़ से काफी संख्या में मजदूर और युवाओं का दूसरे राज्यों में पलायन हो रहा है। पलायन को रोकना भी मेरी प्राथमिकता होगी। पाकुड़ का सर्वांगीण विकास पर मेरा पूरा ध्यान रहेगा। मुकेश कुमार शुक्ला ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जिला परिषद उपाध्यक्ष के पद पर रहते मैं पूरी तरह से खुलकर काम नहीं कर पाया। इसके पीछे कारण था कि उस वक्त सरकार की ओर से हमें पर्याप्त फंड नहीं मिलता था। पंद्रहवीं वित्त का जो भी फंड आता था, उस पर विधायक और सांसद कब्जा कर जाते थे। लेकिन जितना भी काम कर पाया, उससे जनता काफी खुश हैं। मेरे प्रति हर वर्ग और हर समाज के लोगों का प्यार आज भी बरकरार है। मुस्लिम समाज से हो या हिंदू समाज से हो, या फिर आदिवासी समाज से हो, सभी का प्यार मुझे मिला है। उन सबकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम करूंगा। एक और सवाल के जवाब में मुकेश कुमार शुक्ला ने कहा कि मैं बीजेपी का बागी नहीं हूं। सिर्फ और सिर्फ पाकुड़ के लिए बीजेपी की इस बार जो नीति रही, मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं। इसलिए मुझे चुनाव में उतरना पड़ा। उन्होंने कहा कि कुछ नीची मानसिकता वाले लोगों ने मेरे चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से लोगों में गलत संदेश देने का काम किया। मेरे चुनाव मैदान से बाहर हो जाने या बैठ जाने, यहां तक कि मेरे बिक जाने तक की बात कह गए। लेकिन मैं वैसे लोगों को स्पष्ट बता देना चाहता हूं कि मुकेश कुमार शुक्ला को खरीदने की किसी में भी ना ताकत है और ना बैठाने की ताकत है।