समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के खिलाफ झामुमो का न्याय यात्रा रविवार को खत्म हो गया। अंतिम दिन सदर प्रखंड के नगरनवी पंचायत के रहमतपुर बागान में न्याय यात्रा निकाला गया। जिसमें मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष श्याम यादव शामिल हुए। प्रखंड अध्यक्ष मुस्लोउद्दीन शेख के नेतृत्व में निकाली गई न्याय यात्रा में ग्रामीणों को हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया। जिलाध्यक्ष श्याम यादव ने न्याय यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई असंवैधानिक हैं। भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर कार्रवाई की गई है। इससे पूरे आदिवासी समाज और झारखंड वासियों में भाजपा के प्रति नाराजगी है। उन्होंने कहा कि झारखंड वासी आने वाले चुनाव में मतदान से भाजपा को जवाब देगी। जिलाध्यक्ष श्याम यादव ने कहा कि हेमंत सोरेन ने केंद्र के द्वारा लगातार परेशान किए जाने के बावजूद जनता के लिए काम किया। आदिवासी, मूलवासी, गरीब, दलित, किसान, युवा, महिला, अल्पसंख्यक हर वर्ग के लिए काम किया। इससे भारतीय जनता पार्टी बौखला गई और साजिश के तहत हेमंत सोरेन को जेल में डाल दिया। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के साथ-साथ संकट की घड़ी में भी साथ रहे। कोरोना महामारी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने बाहर फंसे लोगों को घर पहुंचाया। उन्होंने कहा कि हवाई चप्पल वालों को हवाई जहाज से अपना राज्य वापस लाया। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हर योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की तानाशाही को हर कोई जान रहा है। देश के किसान दिल्ली पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। किसान कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किसान हित में हमेशा कदम उठाया। उन्होंने कहा कि झामुमो का एक-एक कार्यकर्ता केंद्र की भाजपा सरकार के साजिश से मुकाबला करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। भाजपा की साजिश के आगे झुकने वाले नहीं है। मौके पर केंद्रीय समिति सदस्य मिथिलेश घोष, प्रखंड उपाध्यक्ष आजफरुल शेख, जिला सदस्य फिरोज अली, युवा प्रखंड सचिव अब्दुल सत्तार, दयानंद भगत, मिस्कतुल शेख, अब्दुल मसूद, मुखलेसुर रहमान, दानारुल शेख, फुरकान शेख, बारीक शेख, प्रदीप दास, गौर सरकार आदि कार्यकर्ता न्याय यात्रा में शामिल हुए।