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Maqsood Alam
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भू अर्जन विभाग ने 7.82 एकड़ का दिया अधिग्रहण और डब्ल्यूपीडीसीएल ने सिर्फ 2.66 एकड़ का ही लिया सीटीओ- आलोक जॉय पॉल

भू अर्जन विभाग के अधिग्रहण में शामिल नहीं है सुंदरपुर मौजा का प्लॉट 41 और 44, कंपनी ने इन प्लॉटों का भी ले लिया सीटीओ

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Gunjan Saha
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पाकुड़ । कोल कंपनी डब्ल्यूपीडीसीएल एवं कोयला खनन व परिवहन में लगे बीजीआर पर गलत तरीके से सीटीओ लेने और भूमि अधिग्रहण करने का आरोप लगा है।

कांग्रेस नेता एवं पूर्व आजसू जिलाध्यक्ष आलोक जॉय पॉल ने उपायुक्त से लिखित शिकायत किया है। कंपनी पर गलत तरीके से सीटीओ लेने और भूमि अधिग्रहण कर रेलवे साइडिंग में कोयला भंडारण करने का आरोप लगाया है।

आलोक जॉय पॉल ने उपायुक्त को दिए गए आवेदन में कहा है कि भू अर्जन विभाग ने डब्ल्यूबीपीडीसीएल को 7.82 एकड़ भूमि का अधिग्रहण दिया है। लेकिन कंपनी के द्वारा सिर्फ 2.66 एकड़ भूमि का ही सीटीओ लिया गया है। भू अर्जन विभाग ने जिन प्लॉटों का अधिग्रहण दिया है।

उनमें 94, 27, 106, 18, 15, 33, 35, 97, 98, 17, 28, 34, 36, 42, 96, 103, 105, 37, 99, 100, 104 एवं 101 शामिल है। कुल जमीन 7.82 एकड़ है।

आलोक जॉय पॉल ने आरोप लगाया है कि कंपनी 7.82 एकड़ के जगह 9.67 एकड़ जमीन में कोयले का भंडारण, लोडिंग और अनलोडिंग का काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा है कि भू अर्जन विभाग के द्वारा डब्ल्यूपीडीसीएल को जिन प्लॉटों का अधिग्रहण दिया गया है, उसमें सुंदरपुर मौजा का प्लॉट नंबर 41 और 44 शामिल नहीं है। फिर भी कंपनी ने जो सीटीओ लिया है,उसमें प्लॉट संख्या 41 और 44 को भी दर्शा दिया है। उन्होंने कहा है कि एक तो भू अर्जन विभाग के द्वारा दिया गया अधिग्रहण 7.82 एकड़ भूमि का सीटीओ कंपनी ने नहीं लिया। सिर्फ 2.66 एकड़ भूमि का ही सीटीओ लिया। दूसरी ओर अधिग्रहण की कुल जमीन 7.82 एकड़ की जगह 9.67 एकड़ भूमि का इस्तेमाल कर रही है। यह कानूनी रूप से अवैध है। यह भी कहा है कि कंपनी सीटीओ में दिए गए स्पेसिफिक कंडीशन के 13 पॉइंट में से किसी भी पॉइंट का अनुपालन नहीं कर रही है।

आवेदन में कहा है कि रेलवे साइडिंग में कोयला अनलोड एवं इकट्ठा कर रेलवे रैक में लोड की प्रक्रिया के लिए झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के द्वारा सीटीओ दिया गया है। माइनिंग विभाग से डीलर यानी भंडारण लाइसेंस निर्गत किया गया है। इस सीटीओ में सुंदरपुर मौजा स्थित प्लॉट संख्या 37, 41, 44, 101 और 106 को मिलाकर कुल 2.66 एकड़ भूमि का सीटीओ कंपनी ले लिया है। इस सीटीओ में डब्ल्यूबीपीडीसीएल ने तथ्य को छुपाया है। अवैध और गलत तरीके से सुंदरपुर मौजा के प्लॉट नंबर 41 और 44 को भी अपने सीटीओ में दर्शाया है। भू अर्जन विभाग से जिन प्लॉटों का अधिग्रहण दिया गया है, उसमें यह दोनों प्लॉट शामिल नहीं है।

आलोक जॉय पॉल ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। अन्यथा न्यायालय की शरण में जाने की बात कही है। इधर आलोक जॉय पॉल ने कहा कि कोयला लोडिंग, अनलोडिंग और भंडारण का काम तत्काल बंद कराया जाए और जांच पूरी होने के बाद ही काम चालू हो।

इस संबंध में बीजीआर कंपनी के गुर्रम वेकेंटनारायन ने बताया कि सुंदरपुर मौजा मेरे कमांड एरिया में नही आता है।आपको पूरी जानकारी भू अर्जन विभाग से लेनी होगा।

बहरहाल अब देखना होगा आगे जिला प्रशासन इस दिशा में क्या रुख अपनाती है, जो गहन जांच का विषय है।

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