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Maqsood Alam
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पढ़ाना छोड़ जमीन मापी करने निकल जाते हैं शिक्षक, कोटे के 16 सीएल खत्म कर ले चुके हैं 83 अतिरिक्त अवकाश

आठवीं बोर्ड के रजिस्ट्रेशन के दौरान भी गायब रहे शिक्षक,छात्रों के भविष्य से कर रहे खिलवाड़

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Gunjan Saha
(Desk Head)

समाचार चक्र संवाददाता

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पाकुड़। सदर प्रखंड अंतर्गत संग्रामपुर मिडिल स्कूल के सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) नाजमे आलम के कारनामों से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। लगातार अवकाश पर चले जाने से पठन-पाठन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अक्सर ही अवकाश के आवेदन थमाकर पढ़ाना छोड़ जमीन मापी करने स्कूल से निकल पड़ते है। इससे छात्रों की पढ़ाई पर तो असर पड़ता ही है, दूसरे शिक्षकों को भी क्लास मेंटेन करने में परेशानी होती है।

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हैरान करने वाली है अवकाश के आंकड़े

शिक्षक नाजमे आलम के द्वारा एक वित्तीय वर्ष में अब तक लिए गए अतिरिक्त अवकाश के आंकड़े हैरान कर देने वाली है। आंकड़ों को देख आप भी हैरत में पड़ जाएंगे। एक वित्तीय वर्ष में अब तक 83 बार अतिरिक्त अवकाश ले चुके हैं। इसमें मजेदार बात यह है कि शिक्षक नाजमे आलम अपने कोटे के 16 सामान्य अवकाश (सीएल) खत्म कर चुके हैं। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोटे के सारे सीएल को खत्म कर 83 अतिरिक्त अवकाश ले चुके हैं। इसका मतलब लगभग 3 महीने की छुट्टी पर रह चुके हैं। यह आंकड़ा शिक्षक नाजमे आलम की ड्यूटी के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैए को साफ दर्शाता है।

अवकाश का बहाना बनाकर आमीन का करते हैं काम

लोगों का कहना है कि शिक्षक नाजमे आलम आमीन (जमीन मापी) का काम करते हैं। इससे शायद उनको ज्यादा आमदनी होती है। यह उनका पुराना धंधा भी है। इसलिए स्कूल में कम रहते हैं। हालांकि लोगों का कहना है कि आमीन का काम करता है, यह अच्छी बात है, इससे किसी को भी किसी तरह की दिक्कतें नहीं होनी चाहिए। लेकिन स्कूल टाइम में बच्चों को पढ़ाना छोड़कर एक प्लानिंग के तहत लगातार जमीन मापी करने के लिए चले जाना, किसी भी दृष्टिकोण से सही प्रतीत नहीं होता है। लोगों का मानना है कि स्कूल अवधि के बाद आप कुछ भी करें, इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन स्कूल अवधि में पढ़ाना छोड़कर जमीन मापी करेंगे, तो सवाल जरूर खड़े होंगे।

अवकाश लेकर जमीन मापी करते दिखे शिक्षक नाजमे आलम

इधर सोमवार को शिक्षक नाजमे आलम खेत में जमीन की मापी करते दिखे। तब सुबह 11:00 बज रहे थे, जब अपने हाथों में टेप और कुछ कागजात लेकर जमीन की मापी कर रहे थे। प्रधान अध्यापक अनूप लाल साह से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि आज भी शायद अवकाश पर है। इसलिए स्कूल नहीं आए हैं। हालांकि उन्होंने कार्यालय में अवकाश के एप्लीकेशन को खोजना शुरू किया, तो टेबल पर पुराने एप्लीकेशन को छोड़कर कोई भी नया एप्लीकेशन नहीं मिला। इसके बाद प्रधानाध्यापक ने शिक्षक नाजमे आलम से दूरभाष पर बात की। प्रधान अध्यापक के बात करने पर उनके व्हाट्सएप में आवेदन भेज दिया। यह वाक्या भी शिक्षक नाजमे आलम की मनमानी को साफ दर्शाता है।

आठवीं बोर्ड के रजिस्ट्रेशन के दौरान भी अवकाश का दौर जारी

अवकाश का यह दौर उस वक्त भी जारी है, जब स्कूल में आठवीं बोर्ड का रजिस्ट्रेशन चल रहा है। अवकाश के कारनामे देखिए कि शिक्षक नाजमे आलम 12 दिसंबर और 13 दिसंबर, दिन के हिसाब से देखे तो शुक्रवार और शनिवार दोनों दिन अतिरिक्त अवकाश पर रहे। अगले दिन 14 दिसंबर को रविवार का दिन था, इसलिए अवकाश की कोई जरूरत ही नहीं थी। अगले दिन 15 दिसंबर दिन सोमवार का था और इस दिन भी 17 दिसंबर तक के लिए अवकाश के आवेदन दे दिए। उन्हें छात्रों को पढ़ाना तो दूर, आठवीं बोर्ड के रजिस्ट्रेशन के महत्व से भी कोई मतलब नहीं है। इसमें विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों के कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

प्रधान अध्यापक ने कहा

प्रधान अध्यापक अनूप लाल साह ने कहा कि अतिरिक्त अवकाश के मामलों को विभाग के संज्ञान में दिया गया है। इस पर हम कुछ नहीं कर सकते, जो भी करना चाहे विभाग ही कर सकती है।

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