ललन झा @संवाददाता
अमड़ापाड़ा। एक शिक्षक के भरोसे है पोचाईबेड़ा मध्य विद्यालय। यहां कुल नामांकित बच्चों की संख्या 143 है। शनिवार को स्कूल में विभिन्न कक्षाओं के कुल 40-45 बच्चे उपस्थित दिखे । प्रतिनियुक्त शिक्षक हीरामन महतो ने बताया कि मेरा भी मूल पदस्थापन पीएस रांगा टोला -पचुआड़ा में है। कहा: शिक्षक की नितांत कमी है। कंबाइंड क्लास ले रहा हूं। परेशानी हो रही है। ऑफिस के कार्य पर निकलने या रिपोर्ट सबमिट करने जाने के दौरान अध्यक्ष, संयोजिका अथवा रशोईया को जिम्मेदारी सौंप कर जानी पड़ती है। बहरहाल, मिडिल स्तर के स्कूलों में वर्ग प्रथम से आठवीं तक के छात्र-छात्रा अध्ययनरत होते हैं। वहां यदि एक मात्र शिक्षक हों तो अनुमान सहज लगाया जा सकता है कि पढ़ाई-लिखाई का स्तर क्या होगा ? शिक्षकों की कमी में बच्चों का शैक्षणिक भविष्य क्या होगा ? यह हाल सिर्फ इसी मध्य विद्यालय का नहीं है। प्रखंड में अन्य कई ऐसे मध्य विद्यालय हैं जो एक शिक्षकीय हैं। सरकार व विभाग को इस दिशा में गंभीर होने की जरूरत है।