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समाचार चक्र संवाददाता
हिरणपुर। विधायक हेमलाल मुर्मू ने बुधवार को लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट को लेकर विधानसभा सत्र में जोरदार रूप से अपनी बातें रखी। विधायक ने इस गंभीर समस्या को सदन में उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो के समक्ष इसकी त्वरित निदान को लेकर प्रस्ताव भी रखा। इस दौरान पेयजल व स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के साथ विधायक की तीखी नोंक-झोंक भी हुई। विधायक ने सदन में कहा कि लिट्टीपाड़ा पूरी तरह ड्राई जोन क्षेत्र है, जहां वर्षों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए वर्ष 2017 में 217.51 करोड़ की लागत से एक बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना स्वीकृत की गई थी। योजना के तहत वर्ष 2020 तक योजना कार्य को पूरा किया जाना था व चार बड़े जल मीनार बनाए जाने का लक्ष्य भी रखा गया था। लेकिन अब तक केवल एक ही जल मीनार का निर्माण हो सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाइप बिछाने का काम भी ठप पड़ा है। इतने वर्षों में निर्माण कार्य पूर्ण न होने पर किसी संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई, न ही संबंधित संवेदक के खिलाफ कोई कदम उठाया गया। विधायक ने इस पूरे मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जांच कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जवाब देते हुए कहा कि योजना का कार्य जून 2020 तक पूरा होना था। लेकिन कोविड- 19 महामारी के कारण लगभग दो वर्षों तक काम प्रभावित रहा। उन्होंने बताया कि वन विभाग, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी से एनओसी लेने की प्रक्रिया में भी विलंब हुआ। जिसके चलते कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी प्रक्रियाएं जारी हैं और दिसंबर 2026 तक योजना को हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, विधायक मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि अब तक केवल 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है, जबकि 60 प्रतिशत कार्य बाकी है, जिसे दिसंबर तक पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने पुनः जोर देते हुए कहा कि बिना जांच के सच्चाई सामने नहीं आएगी व योजना में हुए कथित घपले का खुलासा नहीं हो सकेगा। मंत्री ने एक बार फिर कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जांच भी कराई जाएगी व यदि निर्धारित समय तक कार्य पूरा नहीं होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विधायक से विभाग और सरकार पर विश्वास रखने की अपील करते हुए कहा कि आगामी बजट सत्र से पहले क्षेत्र के सभी नलों में पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। लंबी बहस और आश्वासनों के बावजूद अंततः विधायक हेमलाल मुर्मू ने निराशा जताते हुए कहा कि अब उन्हें उम्मीद नहीं है कि लिट्टीपाड़ा वासियों को समय पर पानी मिल पाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर लिट्टीपाड़ा में पेयजल संकट और सरकारी योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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