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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। पापा, हम आप लोगों से काफी दूर चले गए हैं, अब आप लोगों से कभी मुलाकात नहीं होगी…. कहकर डिलीवरी बॉय ने मोबाइल ऑफ कर दिया। यही था पिता पुत्र के बीच रात में मोबाइल पर हुई बातचीत का आखरी हिस्सा। अगले दिन युवक का खेत से शव बरामद हुआ। यह घटना सिर्फ एक युवक के सामान्य मौत की नहीं है, बल्कि संघर्ष के रास्ते बेबशी की दास्तां को बयां करती है। एक बेरोजगार युवक डिलीवरी बॉय के रूप में संघर्ष करते हुए खुद को स्थापित करने के लिए जी तोड़ मेहनत करता है, लेकिन बीच रास्ते में ही परिस्थितियां उसे हार मानने को मजबूर कर देता है। यह घटना लिट्टीपाड़ा के उस युवक की है, जो पाकुड़ शहर में आकर डिलीवरी बॉय का काम करने लगा। ताकि पिता के कंधों पर परिवार चलाने का बोझ थोड़ा कम कर सके। इसके लिए किश्तों में एक बाइक भी खरीदा था। शहर में डिलीवरी बॉय का काम करने के लिए बकायदा किराए पर रूम भी ले रखा था। अब तक सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था, लेकिन अचानक किश्त जमा नहीं कर पाने से उसकी बाइक छीन गई। जिससे वह डिप्रेशन में रहने लगा। युवक के पिता से जो सुनने को मिला, उससे तो यही लगता है कि बाइक के छीन जाने से डिप्रेशन में आकर उसने सुसाइड का रास्ता चुना होगा। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कहां मिली युवक की शव
नगर थाना की पुलिस ने पियादापुर गांव के पास खेत से युवक का शव बरामद किया है। शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला है। आस-पास के लोगों की नजर पड़ने के बाद सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक युवक की पहचान लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के बड़ा सरसा गांव निवासी 22 वर्षीय मनोहर मंडल के रूप में हुआ है। परिजनों के मुताबिक युवक बस स्टैंड के पास किराए के रूम में रहकर डिलीवरी बाॅय का काम करता था। शनिवार सुबह जब कुछ लोग खेत की ओर जा रहे थे तो युवक के शव पर नजर पड़ी। जिससे लोग कुछ पल के लिए अचंभित रह गए। इसके बाद लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दिया। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने घटना स्थल से संदिग्ध पाउडर भी बरामद किया है। एक्सपर्ट से बरामद पाउडर की जांच कराई जा रही है। इधर घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शव को देखकर भावुक होकर रोते रहे। उन्होंने कहा कि घर का सबसे बड़ा बेटा आज हम लोगों को अचानक छोड़ कर चला गया।
अंतिम बार पिता से देर रात फोन पर हुई थी बात
मृतक मनोहर मंडल के पिता प्रदीप मंडल ने बताया कि बेटा के साथ आखरी बार शुक्रवार की रात आठ बजे बात हुआ था। उन्होंने यह कहकर फोन ऑफ कर दिया कि हम आप लोगों से काफी दूर चले गए हैं। कभी भी आप लोगों से मुलाकात नहीं होगी। फोन ऑफ करने के बाद परिजन लिट्टीपाड़ा थाना में संपर्क कर घटना से संबंधित जानकारी दिया। रात में ही सभी लोग उसकी खोजबीन में पाकुड़ पहुंच गए, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। सुबह जब घर लौटने लगे तो व्हाट्सएप में उसका खेत में पड़ा शव देख अवाक रह गए। जब तक परिजन मनोहर मंडल के पास पहुंच पाते तबतक उसकी मौत हो गई थी।
बाईक छीन जाने के गम में युवक की चली गई जान
मृतक के पिता ने रोते हुए बताया कि उसका लड़का डिलीवरी बाॅय का काम करने के लिए एक बाईक किश्त में लिया था। किश्त जमा नहीं कर पाने पर शोरूम वालों ने तीन दिन पहले ही बाईक छीन लिया। इसके बाद वह डिप्रेशन में चला गया।

