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Maqsood Alam
(News Head)

राज प्लस टू स्कूल का धूमधाम से मनाया गया 166वां स्थापना दिवस,भव्य समारोह का आयोजन

पूर्व छात्रों को किया गया सम्मानित,सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्रों ने लूटी वाहवाही

Gunjan Saha
(Desk Head)

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समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। जिला मुख्यालय स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (राज प्लस टू) का 166वां स्थापना दिवस शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एल्युमिनाई मीट का भी आयोजन किया गया। जिसमें वर्ष 1962 से 2000 तक इस विद्यालय से उत्तीर्ण पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार के द्वारा विद्यालय के संस्थापक की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजू नंदन साहा के द्वारा विद्यालय का ध्वजारोहण किया गया। उपायुक्त का स्वागत प्रधान शिक्षक के द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शॉल प्रदान कर किया गया। वहीं दीप प्रज्वलन के उपरांत विद्यालय की छात्राओं के द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, विज्ञान प्रदर्शनी (साइंस मॉडल) तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय की पत्रिका का विमोचन भी किया गया। एल्युमिनाई मीट के अंतर्गत विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों को सम्मानित करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। जिसमें 1962 से 2000 तक के पास आउट छात्रों को उपायुक्त के द्वारा स्वयं स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल को लेकर सभी पूर्ववर्ती छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा उन्होंने इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

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इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है। राज्य गठन के वर्षों बाद किसी सरकारी विद्यालय में पहली बार इस प्रकार का एल्युमिनाई मीट आयोजित होते देखना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र, पूर्व शिक्षक तथा विशेष रूप से सिल्वर जुबली बैच से जुड़े शिक्षकों एवं स्टाफ को सम्मानित करना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विज्ञान प्रदर्शनी अत्यंत प्रभावशाली रही। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं नवाचार क्षमता को बढ़ावा देते हैं। उपायुक्त ने इसे विद्यालय के इतिहास में एक मील का पत्थर बताते हुए आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की सकारात्मक परंपरा जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में विकसित होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से पूर्व छात्रों को अपने विद्यालय से पुनः जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे विद्यालय के प्रति भावनात्मक लगाव मजबूत होता है और वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्राप्त होता है। यह पहल राज्य सरकार की शिक्षा सुधार योजनाओं एवं माननीय मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण यह रहा कि पूर्ववर्ती छात्र प्रातः काल से लेकर कार्यक्रम के समापन तक विद्यालय परिसर में उपस्थित थे।

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