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ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा– महारामनवमी आज है। महावीर मंदिर में पूजनोत्सव की तैयारी भव्य है। सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य व ग्रामीण पूजन समारोह की सफलता को ले सक्रिय हैं।
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इस दिन भगवान राम, माता सीता और भक्त हनुमान की विधिवत पूजा-उपासना होती है।
मर्यादा पुरुषोत्तम हैं राम–
उनका चरित्र सत्य, त्याग, करुणा और कर्तव्यपरायणता का सर्वोच्च उदाहरण है। वे एक आदर्श पुत्र, भाई,पति और राजा के रूप में नैतिक मर्यादाओं का पालन करते हुए धर्म की स्थापना करते हैं। उनके चरित्र में साहस और कोमलता का अद्भुत मिश्रण है, जो उन्हें हर परिस्थितियों में अनुकरण योग्य बनाता है। उन्होंने विषम हालातों में भी धर्म की सीमा नहीं लांघी। पिता की आज्ञा पालन के लिए खुशी-खुशी चौदह वर्षों का वनवास स्वीकार किया। वे त्याग और करुणा के प्रतीक हैं। उनके हृदय में शत्रुओं के लिए भी दया भाव है। अब जहां प्रभू श्रीराम की बात होगी वहां भक्त हनुमान और माता सीता के चरित्र और स्वभाव का चित्रण आवश्यक हो जाता है।
माता सीता का चरित्र भी अनुपम औऱ महिलाओं के लिए अनुकरणीय—
माता सीता का चरित्र भी अनुपम और अद्वितीय है। उनका चरित्र हर भारतीय महिलाओं के लिए अनुकरणीय है।सुकुमारी होने के बावजूद उन्होंने पति राम के साथ वनवास चुना। अशोक वाटिका में राक्षस रावण के बंदीगृह में भी अपनी गरिमा और पतिव्रत धर्म की रक्षा की। उन्होंने आजीवन दुखों दुःखों को धैर्यपूर्वक सहा । चाहे वनवास हो, रावण द्वारा अपहरण हो या राम द्वारा परित्याग। उन्होंने अग्नि परीक्षा के द्वारा पतिव्रत धर्म को सिद्ध करने के लिए आत्मसम्मान को कायम रखा। समाज की उलाहना का प्रतिकार अग्निपरीक्षा के जरिए किया। माता सीता ने अशोक वाटिका में शत्रु के प्रति भी दुर्भावना नहीं रखा और क्षमाशील रहीं। लक्ष्मण रेखा लांघने के कठिन निर्णय से लेकर धरती माता की गोद में समा जाने तक जीवन के हर निर्णय में दृढ़ता दिखाई।
संकट मोचन हैं हनुमान-–
रामभक्त हनुमान राम के अनुपम भक्त हैं। ये संकट मोचन कहलाते हैं जो जीवन की हर तरह की बाधाओं को दूर करते हैं। हनुमान बल और साहस के प्रतीक हैं। उनकी उपासना से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। हनुमान की भक्ति मन को ऊर्जा और शांति देता है। साथ ही जीवन में सफलता भी मिलती है।

