समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। सदर प्रखंड के रामचंद्रपुर पंचायत में सिंचाई कूप निर्माण में चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। बिना काम किए ही 03 लाख 71 हजार 876 रुपए फर्जी मास्टर रोल के सहारे निकासी कर ली गई है। यह मामला वित्तीय वर्ष 2020-21 का है। इसमें तत्कालीन पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, इंजीनियर, भेंडर और बिचौलियों की सांठ-गांठ हो सकती है। दरअसल रामचंद्रपुर पंचायत के निहारपाड़ा मौजा में खालिद शेख के जमीन पर सिंचाई कूप निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी। मनरेगा के तहत सिंचाई कूप निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू भी किया गया। लेकिन जमीन के ऊपर ऊपर सिर्फ पैरापिट बनाकर छोड़ दिया गया। नीचे ना ही पूरी खुदाई की गई और ना ही जोड़ाई का काम हुआ। महज 5 से 6 फीट जोड़ाई करने के बाद छोड़ दिया गया और बिना काम पूरा किए ही संपूर्ण राशि की निकासी कर ली गई। इसमें मजदूरी भुगतान के नाम पर फर्जी मास्टर रोल तैयार किया गया और 02 लाख 22,712 रुपए निकासी कर लिया गया। वहीं मैटेरियल के नाम पर 01 लाख 49,158 रुपए फर्जी तरीके से निकाल लिए गए। अगर मटेरियल पेमेंट की बात करें तो पॉलिथीन, लट्ठा, रस्सी आदि के नाम पर 500 रुपए, बोर्ड लगवाने के नाम पर 1500, गिट्टी के नाम पर 3800, बालू के नाम पर 6000, छड़ के नाम पर 7908, सीमेंट के नाम पर 17,000 और ईंटा के नाम पर 01 लाख 12,450 रुपए की निकासी की गई है। वहीं सूत्रों का दावा है कि मेजरमेंट बुक से भी छेड़छाड़ की गई है। इधर बीडीओ समीर अल्फ्रेड मुर्मू को मामले की जानकारी देने पर उन्होंने जांच की बात तो कहीं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है।
उपायुक्त ने कहा
उपयुक्त मृत्युंजय कुमार बर्नवाल ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। अगर मामला सही पाया गया, तो कार्रवाई होगी। इसमें संलिप्त सभी के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
