समाचार चक्र संवाददाता
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पाकुड़-जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पाण्डेय की अदालत ने अवैध हथियार से हमला करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी सलीम शेख को दोषी पाते हुए सात साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।मामला पाकुड़ मुफस्सिल थाना क्षेत्र के इलामी गांव का है,जिसमें सत्र वाद संख्या 185/2022 के तहत सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता लुकस कुमार हेमब्रम ने अपना पक्ष न्यायालय में रखा। अदालत ने सजा के साथ ही दोषी पर कुल 13,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।घटना 5 नवंबर 2020 की है,जब सूचक इमादुरुल रहमान के बेटे अबुल कलाम आजाद की किराना दुकान पर आरोपी सलीम शेख पहुँचा। दुकान में ‘विमल गुटखा’ नहीं होने की बात पर आरोपी ने हिंसक होते हुए कट्टा (देशी पिस्तौल) निकाल लिया और पिता-पुत्र दोनों को जान से मारने की धमकी दी। जब बेटा जान बचाने के लिए घर के आंगन की ओर भागा, तो आरोपी ने वहां भी पीछा किया और कट्टा तानकर गाली-गलौज करने लगा। इसी बीच,सूचक ने साहस दिखाते हुए पड़ोसी जर्जिश शेख और परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से आरोपी को दबोच लिया और उसके पास से एक लोडेड कट्टा और लुंगी में छिपाकर रखा गया एक अतिरिक्त कारतूस बरामद किया।अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद, न्यायालय ने सलीम शेख को आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1A) के तहत 7 साल की जेल और 8,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर उसे 6 माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। साथ ही, धारा 26(2) के तहत भी उसे 7 साल के कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा दी गई है, जिसमें जुर्माना अदा न करने पर 3 माह की अतिरिक्त जेल का प्रावधान किया गया है।
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