समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़– अनुसूचित जाति जनजाति थाना में दर्ज कांड संख्या- 03/2023 के आरोपी राजद नेता सुरेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उन्हें रांची से गिरफ्तार किया है। पाकुड़ न्यायालय में बुधवार को पेशी के बाद मंडल कारा भेज दिया गया। यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस को काफी दिनों से सुरेश अग्रवाल की तलाश थी।
बता दें कि जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. कमलेश्वर कुमार भारती ने अनुसूचित जाति जनजाति थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया था। जिसका अनुसंधान एसडीपीओ अजीत कुमार विमल कर रहे थे। अनुसंधान में जांच पड़ताल के बाद सुरेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। लेकिन हर बार वह पुलिस की नजरों से बचता रहा। गिरफ्तारी के डर से वे रांची में पनाह लिए हुए थे। लेकिन इस बार वे पुलिस को चकमा देने में नाकाम रहे। पुलिस को उनके रांची में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली।
आखिरकार वे पुलिस गिरफ्त में आ ही गए। मिली जानकारी के मुताबिक महेशपुर थाना प्रभारी संतोष कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। सुरेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम रांची पहुंची।टेक्निकल सेल के मदद और मोबाइल लोकेशन के आधार पर रांची से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या है पूरा मामला सुरेश अग्रवाल की गिरफ्तारी का
जिला मुख्यालय के बलिहारपुर सुभाष चौक के रहने वाले राजद नेता सह आरटीआई एक्टिविस्ट सुरेश कुमार अग्रवाल के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति थाना में मामला दर्ज हुआ था। जिला पशुपालन पदाधिकारी, पाकुड़ डॉ. कमलेश्वर कुमार भारती ने राजद नेता पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, रंगदारी मांगने एवं जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
अनुसूचित जाति जनजाति थाना में दर्ज कांड संख्या- 03/2023 का अनुसंधान एसडीपीओ अजीत कुमार विमल कर रहे थे। जिला पशुपालन पदाधिकारी ने 28 जनवरी को श्री अग्रवाल के विरुद्ध थाना में आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर 29 जनवरी को आईपीसी की धारा 186, 385 एवं 31 (आर) (एस) एससी एसटी प्रीवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। पशुपालन पदाधिकारी डॉ. कमलेश्वर कुमार भारती ने थाना में दिए गए आवेदन में कहा था कि 24 जनवरी को दोपहर करीब 2:00 बजे सुरेश अग्रवाल अचानक कार्यालय कक्ष का पर्दा को निकालकर फेंकते हुए गुस्से से तमतमाते हुए कक्ष में घुस आए और बदसलूकी करते हुए एक लाख रुपए की मांग करने लगे।
पशुपालन पदाधिकारी के मुताबिक श्री अग्रवाल ने अभद्र तरीके से धमकी दी। अग्रवाल ने कहा कि 01 लाख रुपए दे दो नहीं तो मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं। डॉ. भारती ने आवेदन में कहा है कि मैंने उन्हें समझाने बुझाने का प्रयास किया तो वह आपे से बाहर हो गए और धमकाते हुए कहने लगे कि मैं तुम्हें कोई काम नहीं करने दूंगा और तुम्हें बर्बाद कर दूंगा। यह कह कर मेज पर रखी महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को कमरे में इधर-उधर फेंक दिया। उनके द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा था कि हम इतना दिन से तुम्हारे खिलाफ लिख रहे हैं। फिर भी तुम पर कोई असर नहीं हो रहा है। तुम अपने आप को क्या समझ रखा है।
पशुपालन पदाधिकारी के आवेदन के मुताबिक अग्रवाल ने कहा कि हम तुमको पाकुड़ में नौकरी करना भुलवा देंगे। यहां यदि नौकरी करना है तो हमको 01 लाख रुपए सीधे-सीधे दे दो। आवेदन में यह भी कहा है कि भोजन अवकाश होने के कारण कार्यालय के सभी कर्मी भोजन करने गए थे। जिस वजह से कार्यालय में अकेले ही अपने विभागीय कार्यों का निष्पादन कर रहा था। अचानक इस रवैया से काफी भयभीत हो गया था। यह भी कहा है कि मुझे काफी देर धमकाने के बाद वह जोर-जोर से चिल्लाते हुए मुझे बुरा भला कहने लगा। कार्यालय से निकलकर बाहर लगे जीपीएस टावर के पास जाकर जोर-जोर से चिल्लाते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित करने लगा।
आरोप यह भी लगाया कि उन्होंने चिल्लाते हुए कई बार कहा कि तुम हरिजन सुधरेगा नहीं। कितना दिन से हम इसके खिलाफ लिख रहे हैं, तब भी इसका अकल ठिकाने नहीं आया है। मेरा बहुत लंबा पहुंच है। हम जैसा कहते हैं वैसा नहीं करेगा तो हम तुमको बर्बाद कर देंगे। झारखंड में कहीं नौकरी करने के लायक नहीं रहने देंगे। वहां समूह में खड़े लोगों के बीच श्री अग्रवाल ने बार-बार हरिजन शब्द का प्रयोग करते हुए गाली गलौज देकर अपमानित किया।
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने आवेदन में यह भी कहा है कि मैं अनुसूचित जाति से हूं। यह जानकर श्री अग्रवाल मुझे लंबे अरसे से प्रताड़ित करते आ रहे हैं। मुझे प्रताड़ित करने के नियत से अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। श्री अग्रवाल द्वारा किए जा रहे कृत्यों से मैं बहुत भयभीत तथा मानसिक संताप में हूं। जिला पशुपालन पदाधिकारी ने सुरेश कुमार अग्रवाल के खिलाफ विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

हिरणपुर बीडीओ ने भी कराई है प्राथमिकी
उल्लेखनीय है कि पाकुड़ जिले के हिरणपुर बीडीओ उमेश कुमार स्वांसी ने भी सुरेश अग्रवाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं सहित एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है। इसके अलावा सुरेश अग्रवाल के विरुद्ध नगर थाना में छेड़खानी एवं अन्य मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज है।
क्या कहते हैं एसडीपीओ
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजित कुमार बिमल ने बताया कि सुरेश कुमार अग्रवाल को एसएसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को काफी दिनों से तलाश थी।