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Maqsood Alam
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वर्षों पुराना है तिलभिठा स्टेशन के आस-पास मालगाड़ी से कोयला चोरी का धंधा

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Gunjan Saha
(Desk Head)

समाचार चक्र संवाददाता

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पाकुड़। पाकुड़-बरहरवा रेलखंड के बीच तिलभिठा स्टेशन के आस-पास मालगाड़ी से कोयला चोरी का धंधा काफी पुराना है। कोयला चोरी को लेकर धंधे में शामिल कई बार आस-पास के गांवों के कई युवकों को जेल की हवा भी खानी पड़ी है। इसमें संग्रामपुर, कुमारपुर और रानीपुर गांव के कई जाने पहचाने चेहरे हैं। जिनके नामों की चर्चा कोयला चोरी के मामलों में अक्सर होती रहती है। सूत्रों के मुताबिक संग्रामपुर गांव के रहने वाले एक परिवार कोयला चोरी के मामले में बदनाम रहा है। कोयला चोरी में जब कभी भी किसी के नाम की चर्चा होती है, तो तिलभिठा स्टेशन से सटे संग्रामपुर के रहने वाले इस परिवार की चर्चा जरूर होती है। यूं कहे कि कोयला चोरी के धंधे को फैलाने में इसी परिवार के सदस्यों का अहम रोल रहा है। आज के वक्त में इस धंधे में कुमारपुर और रानीपुर गांव के कुछ युवाओं की भी एंट्री हो गई है। जिनका नाम रेलवे पुलिस में भी दर्ज हो चुकी है। इधर हाल ही में कोयला चोरी के खिलाफ रेलवे पुलिस की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल तो कोयला चोरी के धंधे पर विराम जरूर लगा है। लेकिन देखने वाली बात होगी कि रेलवे पुलिस कितने दिनों तक इस गैर कानूनी धंधे पर रोक लगा पाती है। बता दें कि हाल ही में कोयला चोरी में शामिल चार आरोपी युवकों को रेलवे पुलिस ने जेल भेजने का काम किया। इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए चारों युवक संग्रामपुर, कुमारपुर और रानीपुर गांव के ही है। इन युवकों ने कोयला चोरी को लेकर रेलवे पुलिस के नाक में दम कर रखा था। यूं कहे कि इनके खिलाफ कार्रवाई करना रेलवे पुलिस के लिए चुनौती थी। हालांकि रेलवे पुलिस ने इन कोयला चोरों को जेल भेज कर अपनी काबिलियत को साबित कर दिखाया है। पुलिस ने जिन आरोपी युवकों को जेल भेजा है, उनमें बासिर शेख (कुमारपुर), सम्राट शेख (कुमारपुर), असाब्बेर शेख (कुमारपुर) शामिल है। इसी दौरान रेल हादसे की साजिश रचने वाली एक घटना भी सामने आई थी। इस घटना में भी कोयला चोरी की बातें सामने आई। बताया गया कि रेल हादसे को अंजाम देने का प्रयास के साथ-साथ कोयला चोरी भी इनका मकसद था। लोको पायलट की सूझबूझ से संभावित एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना की जांच में कई युवकों की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनमें नाजमी शेख (कुमारपुर), यार मोहम्मद शेख (रानीपुर), राहुल शेख (संग्रामपुर) का नाम शामिल है। इस घटना में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए इन युवकों की भूमिका रेल हादसे को अंजाम देना और कोयला चोरी करना भी था। इस तरह सोच सकते हैं कि कोयला चोरी के लिए ये युवा किस कदर गिर सकते हैं। इधर सूत्रों के मुताबिक कोयला चोरी का यह धंधा दशकों से चला आ रहा है। इस धंधे से जुड़े अभी भी कई युवक कोयला चोरी के प्रयास में लगे हैं।

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कैसे होती है कोयले की चोरी

अमड़ापाड़ा कोल माइंस का कोयला लोटामारा गांव के पास लोडिंग कर माल गाड़ियां पाकुड़ और तिलभिठा स्टेशन से होकर गुजरती है। इसी दौरान कोयला चोरी में शामिल युवकों की टीम एक्टिव हो जाती है। तिलभिठा स्टेशन के पास किसी कारण से रुकने वाली खड़ी मालगाड़ी से कोयला उतारा जाता है। इस धंधे में शामिल युवक मालगाड़ी के वैगन में चढ़कर कोयला उतारने का काम करता है। मालगाड़ी के चले जाने के बाद कोयले को छोटी-छोटी वाहनों से एक जगह ले जाकर स्टॉक किया जाता है। कोयला स्टॉप करने का सबसे सुरक्षित जगह कुमारपुर गांव के पास एक बागान है। यहां कोयला स्टॉक कर रात के अंधेरे में बड़े वाहनों से पश्चिम बंगाल भेज दिया जाता है। हालांकि इस जगह के अलावा कई और जगह पर भी कोयला का स्टॉक किया जाता है। इस तरह कोयले का गैर कानूनी धंधा सालों से चलता आ रहा है।

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