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Maqsood Alam
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रात दस बजे से शुरू होता है बिना माइनिंग चालान के गाड़ी पास कराने का खेल

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Gunjan Saha
(Desk Head)

समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए स्वयं आधी रात को भी जांच में निकल पड़ते हैं। थाना प्रभारियों को भी अवैध परिवहन पर नजर गड़ाए रखने का साफ निर्देश दिया है। पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में चांदपुर चेक पोस्ट में संदेह के आधार पर दो ट्रक को भी सीज किया था। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के जांच निरीक्षण से बिना माइनिंग चालान के गाड़ी पास करने वालों में हड़कंप मच गया था। इधर बिना माइनिंग चालान के गाड़ी पास कराने वाले गिरोह के एक बार फिर सक्रिय होने की सूचना है। पुलिस से नजरे बचाकर सरकार को हर दिन लाखों का नुकसान पहुंचाने का खेल एक बार फिर शुरू हो गया है। इसे चेकपोस्ट कर्मियों पर दबाव कहे या मिलीभगत, गाड़ी पास कराने वाली गिरोह अपनी पैठ जमा चुके है। इस गिरोह में कोई बाहरी नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा हैं। सूत्रों की माने तो यह गिरोह पियादापुर और चांदपुर चेकपोस्ट से गिट्टी लोड वाहनों को बंगाल तक पहुंचाने का ठेका ले रखा है। इस गिरोह में शामिल एक व्यक्ति जानकीनगर का रहने वाला बताया जाता है। जिनके पास अपनी खुद की गाड़ियां भी है। सूत्रों का दावा है कि जानकीनगर गांव के इसी शख्स ने अपनी गाड़ियों के साथ दूसरों की गाड़ियों को भी पास कराने का ठेका ले रखा है। बिना माइनिंग चालान के गाड़ी पास कराने वाली गिरोह में एक-दो ऐसे भी शख्स शामिल है, जो छत्रछाया की तरह काम करता है। सूत्रों से यह भी दावा किया जा रहा है कि हर रात करीब एक सौ के आसपास गाड़ियां पास कराई जाती है। एक ही चालान के कई गाड़ियों या बिना माइनिंग चालान के ही गाड़ियों को पास कराने का खेल रात दस बजे के बाद शुरू होता है। सूत्रों का कहना है कि रात दस बजे के करीब पियादापुर ओवरब्रिज और आसपास गाड़ी मालिक और गिरोह के सदस्यों का जमावड़ा शुरू होता है। यही से गाड़ियों को पास कराने का खेल शुरू होता है। मजेदार बात तो यह है कि गिरोह का सदस्य पियादापुर चेकपोस्ट से लेकर चांदपुर चेकपोस्ट तक स्कॉर्पियो से रेकी करता रहता है। गिरोह का सदस्य अधिकारियों पर नजर रखे होते हैं। परिवहन विभाग, माइनिंग विभाग, अंचल कार्यालय या पुलिस विभाग के अधिकारियों की भनक लगते ही गिरोह के सदस्यों का मोबाइल व्यस्त हो जाता है। सूत्रों का कहना है कि इसमें चेकपोस्ट कर्मियों की भूमिका भी संदेहास्पद है। इधर मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र से भी रात के अंधेरे में बिना माइनिंग चालान के गिट्टी लोड वाहनों के पास होने का खेल जारी है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मालपहाड़ी पत्थर उद्योग क्षेत्र से चेंगाडांगा, हमरुल से होकर गाड़ियों को पास कराया जाता है। पश्चिम बंगाल सीमा से सटे होने की वजह से यह इलाका अवैध परिवहन का सेफ जोन बन गया है। पत्थरघट्टा नसीपुर चेकपोस्ट के रास्ते भी अवैध परिवहन का धंधा ने जोर पकड़ लिया है। इसमें पासिंग गिरोह में एक तथाकथित चौकीदार की खास भूमिका बताई जा रही है। प्रशासन को अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए और भी चौकन्ना होने की जरूरत है।

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